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फ़रवरी, 20, 2026
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हनुमान जन्मभूमि: आंजन धाम की महिमा और दिव्य इतिहास

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Hanuman Janmabhoomi
Hanuman Janmabhoomi: पावन धरा झारखंड के गुमला जिले में स्थित आंजन धाम, वह पवित्र स्थल है जहां पवनपुत्र हनुमान का जन्म हुआ था। यह स्थान आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम है, जो भक्तों को आध्यात्मिकता की गहराई में ले जाता है।

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हनुमान जन्मभूमि: आंजन धाम की महिमा और दिव्य इतिहास

हनुमान जन्मभूमि: पौराणिक कथाएं और धार्मिक महत्व

गुमला के घने जंगलों और सुरम्य पहाड़ियों के बीच बसा यह धाम भक्तों को एक अलौकिक अनुभव प्रदान करता है। माना जाता है कि यहीं माता अंजनी ने भगवान शिव के अंश हनुमान को जन्म दिया था। इस स्थल की प्रत्येक शिला में एक दिव्य शक्ति का संचार प्रतीत होता है, जो यहां आने वाले हर श्रद्धालु को शांति और संतोष प्रदान करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यहां का शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य मन को मोह लेता है, जिससे भक्तगण सहज ही प्रभु की भक्ति में लीन हो जाते हैं। यह न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का भी जीवंत प्रतीक है।

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यहां आंजन गुफा है जहां माता अंजनी ने अपने पुत्र के साथ निवास किया था, और पास ही एक जलधारा है जिसे अंजना जलधारा कहा जाता है। इस पावन तीर्थ की यात्रा मात्र से ही जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

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आंजन धाम की यात्रा: एक आध्यात्मिक अनुभव

आंजन धाम की यात्रा केवल एक दर्शनीय स्थल का भ्रमण नहीं, बल्कि एक गहन आध्यात्मिक अनुभव है। ऊबड़-खाबड़ रास्तों और प्राकृतिक छटा के बीच से गुजरते हुए यहाँ पहुँचना ही अपने आप में एक साधना है। यह स्थान शहरी कोलाहल से दूर, प्रकृति की गोद में स्थित है, जहाँ भक्तगण एकांत और शांति का अनुभव कर सकते हैं। मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही मन को असीम शांति मिलती है और एक सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।

माता अंजनी और पवनपुत्र की जन्म कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता अंजनी पूर्व जन्म में पुंजिकस्थला नामक अप्सरा थीं, जिन्हें एक ऋषि के शाप के कारण वानर योनि में जन्म लेना पड़ा। भगवान शिव के वरदान से उन्हें वायुदेव के सहयोग से हनुमान जैसे तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति हुई। यह माना जाता है कि इसी आंजन धाम की पवित्र भूमि पर माता अंजनी ने हनुमानजी को जन्म दिया था। हनुमानजी का जन्म चैत्र माह की पूर्णिमा को हुआ था, जिसे हनुमान जयंती के रूप में पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है। यहीं पर माता अंजनी ने अपने पुत्र हनुमान को वात्सल्य और संस्कार दिए, जिससे वह भगवान राम के परम भक्त और अतुलनीय बल के स्वामी बने। इस पावन भूमि की महिमा अपरंपार है, जो भक्तों को भगवान हनुमान के प्रति अगाध श्रद्धा से भर देती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

आंजन धाम में दर्शन और पूजा विधि

आंजन धाम की यात्रा केवल एक दर्शनीय स्थल का भ्रमण नहीं, बल्कि एक गहन आध्यात्मिक अनुभव है। यहां पहुंचने पर भक्तगण निम्नलिखित चरणों का पालन कर सकते हैं:

  • सर्वप्रथम मुख्य मंदिर में स्थापित हनुमानजी और माता अंजनी की प्रतिमाओं के दर्शन करें।
  • पवित्र जल से स्वयं को शुद्ध करें और श्रद्धापूर्वक पुष्प, धूप और दीपक अर्पित करें।
  • मंदिर परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
  • यहां की पवित्र गुफा में प्रवेश कर ध्यान करें, जहां माता अंजनी ने निवास किया था।
  • शांत मन से हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
  • निकट स्थित अंजना जलधारा का पवित्र जल ग्रहण करें और उसे अपने घर लेकर जाएं।
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संकटमोचन हनुमान मंत्र

आंजन धाम में दर्शन के उपरांत इस मंत्र का जाप करने से सभी संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं:

ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट स्वाहा।

मनोजवं मारुततुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये।।

आंजन धाम के चमत्कारी महत्व

आंजन धाम सिर्फ हनुमानजी की जन्मस्थली ही नहीं, बल्कि यह स्थान कई चमत्कारी अनुभवों से भी जुड़ा है। यहां की मिट्टी और जल को अत्यंत पवित्र माना जाता है, जिसके स्पर्श मात्र से कई रोगों से मुक्ति मिलने की मान्यता है। स्थानीय निवासियों और भक्तों द्वारा यहाँ कई ऐसे किस्से सुनाए जाते हैं जहाँ लोगों ने हनुमानजी की कृपा से असाध्य रोगों से छुटकारा पाया है और अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण होते देखा है। यह दिव्य शक्ति का केंद्र है जहाँ प्रार्थनाएं अवश्य फलित होती हैं।

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निष्कर्ष और उपाय

आंजन धाम एक ऐसा पवित्र तीर्थ स्थल है जहां पहुँचकर मन को अद्वितीय शांति मिलती है और आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है। यह स्थल न केवल भगवान हनुमान की जन्मस्थली के रूप में विख्यात है, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए भी जाना जाता है। यहां की यात्रा से भक्तगण मानसिक शांति, शारीरिक आरोग्य और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करते हैं। जो भक्त सच्चे हृदय से यहां आकर हनुमानजी का स्मरण करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस पावन स्थल का भ्रमण जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला अनुभव सिद्ध होता है।

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