

US Pakistan relations: अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की शतरंज बिसात पर, जहां हर चाल का अपना महत्व होता है, कांग्रेस ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए शुक्रवार को कहा कि जब ‘स्वघोषित विश्वगुरु’ AI इम्पैक्ट समिट जैसे आयोजनों में दुनिया को संक्षिप्त शब्दों के माध्यम से ज्ञान बांटने में व्यस्त हैं, तब अमेरिकी और पाकिस्तानी संबंध पहले की तरह ही प्रगाढ़ बने हुए हैं। उन्होंने वाशिंगटन डीसी में बोर्ड ऑफ पीस कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की हालिया मुलाकात का हवाला देते हुए यह टिप्पणी की।
रमेश ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 22 अप्रैल, 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले की साजिश रचने के बावजूद पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर कोई बड़ी कीमत नहीं चुकानी पड़ी है। यह मोदी सरकार की विदेश नीति और कूटनीति पर एक ‘निराशाजनक टिप्पणी’ है, जिसे किसी भी बहाने या तोड़-मरोड़ से छिपाया नहीं जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन में हुए हालिया घटनाक्रम इस बात की पुष्टि करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
US Pakistan relations: मोदी सरकार की कूटनीति पर सवाल
कांग्रेस नेता ने अपने बयान में कहा, “अमेरिका और पाकिस्तान के बीच का यह कथित ‘रोमांस’ बिना किसी बाधा के जारी है, जिसका प्रदर्शन कल वाशिंगटन डीसी में एक बार फिर देखने को मिला।” उन्होंने दोहराया कि 22 अप्रैल, 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की साजिश में शामिल होने के बावजूद पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई गंभीर परिणाम भुगतने नहीं पड़े हैं। यह मोदी सरकार की विदेश नीति और कूटनीति पर एक करारी टिप्पणी है, जिसे किसी भी तरह की चालाकी से दूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने इसे ‘अधिकतम दिखावा’ करार दिया, जो भारत के हितों को नुकसान पहुंचा रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पहलगाम हमले और वैश्विक मंच की चुप्पी
भारत में आयोजित होने वाला AI इम्पैक्ट समिट, ग्लोबल साउथ में ऐसा पहला वैश्विक AI शिखर सम्मेलन है। यह शिखर सम्मेलन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परिवर्तनकारी क्षमता पर केंद्रित है, जो “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” के राष्ट्रीय दृष्टिकोण और मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांत के अनुरूप है। इसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शासन, सुरक्षा और सामाजिक प्रभावों पर वैश्विक सहयोग को मजबूत करना है, जो एक विकसित हो रही अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
AI शिखर सम्मेलन और ‘स्वघोषित विश्वगुरु’
कांग्रेस सांसद ने अपनी टिप्पणी में यह भी रेखांकित किया कि ऐसे समय में जब देश को मजबूत कूटनीति की आवश्यकता है, प्रधानमंत्री का ध्यान नारों और बड़े आयोजनों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि यह ‘अधिकतम दिखावा है, जो भारत को नुकसान पहुंचा रहा है’, विशेषकर तब, जब पाकिस्तान को अपनी आतंकी गतिविधियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई गंभीर परिणाम नहीं भुगतने पड़ रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



