

Pakistan Hockey: हॉकी प्रेमियों, पाकिस्तान हॉकी में चल रहे नाटक ने एक नया मोड़ ले लिया है! जिस कप्तान ने अपने खिलाड़ियों के हक के लिए आवाज उठाई, उसी पर अब दो साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है, और तो और फेडरेशन के अध्यक्ष ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। आखिर क्या है पूरा मामला, आइए जानते हैं।
Pakistan Hockey: बदइंतजामी की पोल खोलने वाले कप्तान शकील बट पर लगा 2 साल का बैन, PHF अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा!
पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) ने अपने कप्तान अम्माद शकील बट पर दो साल का प्रतिबंध लगाकर एक बड़ा फैसला लिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब बट ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खिलाड़ियों के साथ हुई बदइंतजामी और वित्तीय संकट का खुलासा किया था। उनकी इस बेबाकी के बाद, फेडरेशन के अध्यक्ष तारिक बुगती ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह घटनाक्रम पाकिस्तान हॉकी के लिए एक बड़ा झटका है, जिसकी साख पहले से ही सवालों के घेरे में थी।
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अम्माद शकील बट का बैन कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने खुलकर बताया था कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पाकिस्तानी हॉकी टीम के खिलाड़ियों को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्हें खाने-पीने और रहने की व्यवस्था के लिए भी संघर्ष करना पड़ा, और कुछ खिलाड़ियों को तो कथित तौर पर अपनी जेब से खर्च उठाना पड़ा, और यहाँ तक कि सड़कों पर भटकने तक की नौबत आ गई थी। इस कड़े बैन के बाद, टीम के भविष्य पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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Pakistan Hockey में बदइंतजामी की पूरी कहानी
ऑस्ट्रेलिया दौरा पाकिस्तान हॉकी के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। खिलाड़ियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा था, दैनिक भत्ते नहीं दिए जा रहे थे, और तो और विदेश में उन्हें बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही थीं। अम्माद शकील बट ने इन सभी मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाया, जिससे फेडरेशन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। उनकी यह आवाज फेडरेशन को इतनी नागवार गुज़री कि उन पर बैन लगा दिया गया।
- पाकिस्तान हॉकी टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा बदइंतजामी का शिकार हुआ।
- खिलाड़ियों को खाने, रहने और दैनिक भत्तों के लिए भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
- कप्तान अम्माद शकील बट ने इन समस्याओं को मीडिया के सामने उजागर किया।
- फेडरेशन ने बट पर दो साल का प्रतिबंध लगाया।
- PHF अध्यक्ष तारिक बुगती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
इस पूरे विवाद के बाद, पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) के अध्यक्ष तारिक बुगती का इस्तीफा देना लाजमी था। जिस तरह की खबरें सामने आ रही थीं, उससे फेडरेशन की छवि पूरी तरह धूमिल हो चुकी थी। बुगती ने अपने इस्तीफे में कहा कि वे “नैतिक आधार” पर यह कदम उठा रहे हैं। यह बैन सिर्फ शकील बट पर नहीं, बल्कि पाकिस्तान हॉकी की पूरी व्यवस्था पर लगा एक धब्बा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आगे क्या होगा पाकिस्तान हॉकी का भविष्य?
अम्माद शकील बट पर लगाए गए इस प्रतिबंध और अध्यक्ष के इस्तीफे से पाकिस्तान हॉकी एक चौराहे पर खड़ी है। एक तरफ जहाँ खिलाड़ियों को न्याय चाहिए, वहीं दूसरी तरफ फेडरेशन को अपनी प्रशासनिक विफलताओं को स्वीकार करना होगा। इस घटना ने एक बार फिर खेल निकायों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी को उजागर किया है। देखना होगा कि पाकिस्तान हॉकी इस संकट से कैसे उबरती है और क्या खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




