

Gold Price: अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच, 20 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। अमेरिकी और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर धकेला है, जिसका सीधा असर बहुमूल्य धातुओं पर पड़ा है। MCX पर सोने की हल्की खरीदारी जारी रही, हालांकि कीमतें 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बनी हुई हैं, जबकि MCX सिल्वर भी 2.43 लाख रुपये से ऊपर कारोबार कर रहा है। स्पॉट गोल्ड की कीमत 5010 डॉलर के अहम निशान से ऊपर निकल गई है।
# Gold Price: सोना-चांदी फिर चमके, क्या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ाएगा कीमतें?
## Gold Price में उछाल: भारत में कीमतें और वैश्विक कारक
भारत में आज, 24 कैरेट सोने की कीमत 155,620 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई, जो पिछले बंद भाव से 830 रुपये अधिक है। वहीं, 22 कैरेट सोने की कीमत 142,652 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। भारत में सोने की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय स्पॉट गोल्ड रेट, अमेरिकी डॉलर के उतार-चढ़ाव और आयात शुल्क जैसे कारकों से प्रभावित होती हैं। गौरतलब है कि इस समय भारत में सोना दुबई के मुकाबले अधिक महंगा बिक रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आज देश में 24 कैरेट सोने की कीमत 155,620 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि दुबई में यह 147,844 रुपये है। यह 7,776 रुपये या 5.26 प्रतिशत का महत्वपूर्ण अंतर दर्शाता है। इसी तरह, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतें भी दुबई की तुलना में भारत में लगभग 5.26 प्रतिशत अधिक हैं, जिसमें फीस, ड्यूटी और टैक्स शामिल नहीं हैं।
* **आज का उछाल (प्रति 10 ग्राम):**
* 24 कैरेट सोना: 830 रुपये
* 22 कैरेट सोना: 760.90 रुपये
* 18 कैरेट सोना: 622.50 रुपये
## क्यों बढ़ रही हैं सोने की कीमतें?
सोने की कीमतों में मौजूदा वृद्धि के पीछे कई जटिल कारक जिम्मेदार हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को न्यूक्लियर डील को लेकर 10-15 दिन का अल्टीमेटम देना और गंभीर परिणामों की धमकी देना, भू-राजनीतिक तनाव को चरम पर ले गया है। यह तनाव निवेशकों को ‘सेफ-हेवन’ एसेट्स जैसे सोने की ओर आकर्षित कर रहा है।
इसके अलावा, डॉलर के मजबूत होने से भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता है। जब करेंसी बास्केट में अन्य मुद्राओं के मुकाबले डॉलर मजबूत होता है, तो दूसरी मुद्राओं में सोने की खरीद महंगी हो जाती है, जिससे इसकी मांग पर असर पड़ सकता है। हालांकि, मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने इस प्रभाव को कम कर दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की FOMC बैठक के मिनट्स से पता चला है कि नीति निर्माताओं में ब्याज दर में कटौती को लेकर राय बंटी हुई है। कुछ अधिकारियों का मानना है कि यदि महंगाई के लक्ष्य पूरे नहीं होते हैं, तो ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं। इसके बावजूद, सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार, बाजार अभी भी इस वर्ष के लिए कम से कम दो ब्याज दर कटौती की उम्मीद कर रहा है। कम ब्याज दर वाले माहौल में सोना आमतौर पर बेहतर प्रदर्शन करता है, क्योंकि इसकी होल्डिंग कॉस्ट कम हो जाती है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। यूएस और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी सोने की सुरक्षित-पनाहगाह अपील को और बढ़ा दिया है। ऐसे में वैश्विक बाजार में सोने की मांग बढ़नी स्वाभाविक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




