

Tamil Nadu Elections: कल्पना कीजिए एक कुशल नाविक की जो तूफानी लहरों के बीच भी अपनी नाव को किनारे तक पहुंचाने का न केवल विश्वास रखता है, बल्कि उसे दो बार पार कराने का दम भरता है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी कुछ ऐसे ही आत्मविश्वास से लबरेज हैं, जिन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों में द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) की लगातार दूसरी जीत का बिगुल फूंक दिया है।
तमिलनाडु चुनाव: स्टालिन का दावा, ‘द्रविड़ मॉडल 2.0’ फिर सत्ता में लौटेगा, विरोधियों को दी चुनौती
आगामी तमिलनाडु चुनाव: स्टालिन का ‘द्रविड़ मॉडल 2.0’ का विजन
Tamil Nadu Elections: मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले अपने विश्वास को दृढ़ता से व्यक्त किया है, उनका कहना है कि द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) सरकार लगातार दूसरी बार सत्ता में लौटेगी। तमिलनाडु विधानसभा में अंतरिम बजट पर जारी बहस के दौरान, स्टालिन ने अपनी सरकार के बीते पांच साल के कार्यकाल पर विस्तार से प्रकाश डाला और भविष्य के लिए अपने दृष्टिकोण ‘द्रविड़ मॉडल 2.0’ की रूपरेखा प्रस्तुत की। सदन को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी अगली सरकार पिछली सभी उपलब्धियों को पीछे छोड़ देगी और निश्चित रूप से वे एक बार फिर जीतेंगे तथा सरकार बनाएंगे। पिछली चुनावी जीत को याद करते हुए स्टालिन ने साझा किया कि जब द्रमुक ने सत्ता संभाली थी, तो उन्हें खुशी और चिंता दोनों का अनुभव हुआ था। उन्होंने कहा, “जीत के बाद एक तरफ जश्न का माहौल था, वहीं दूसरी ओर यह चिंता भी सता रही थी कि मैं इस बड़ी जिम्मेदारी को कैसे निभाऊंगा। क्या मैं जनता से किए गए सभी वादों को पूरा कर पाऊंगा? क्या मैं वाकई जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप शासन कर पाऊंगा?” यह वही समर्पण है जिसके कारण आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
चुनौतियों के बावजूद, शासन का सफल खाका
स्टालिन ने बताया कि उनकी सरकार ने ऐसे समय में कार्यभार संभाला था, जब पिछली सरकारों के अधूरे काम और केंद्र सरकार के कथित असहयोग के कारण गंभीर बाधाएं मौजूद थीं। उन्होंने दृढ़ता से कहा, “इन विपरीत परिस्थितियों में भी, हमने कोई बहाना बनाकर हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठे, बल्कि अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया।” मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उनके प्रशासन ने सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास को सुनिश्चित करने के लक्ष्य में ‘द्रविड़ मॉडल’ की अवधारणा को साकार किया। पिछले पांच वर्षों में शुरू की गई कुछ प्रमुख पहलों में विदियाल पयानम, कलाइग्नार मगलीर उरिमाई थिट्टम, नान मुधलवन, नाश्ता योजना, पुधुमाई पेन, सरकारी कर्मचारियों के लिए सुनिश्चित पेंशन योजना, इनुयिर काप्पम और नम्मई काक्कुम 48 जैसी कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य भर में 4,000 से अधिक मंदिरों का जीर्णोद्धार और अभिषेक भी कराया गया है, जो सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ स्टालिन ने बताया कि इन सभी पहलों से समाज के हर वर्ग को लाभ पहुंचा है, जिनमें बच्चे, युवा, महिलाएं, किसान, बुनकर, हाशिए पर रहने वाले समुदाय, आदि द्रविड़ और आदिवासी समूह, साथ ही दिव्यांग व्यक्ति भी शामिल हैं। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा, “क्या इन सभी सफलताओं के लिए मैं अकेला जिम्मेदार हूँ? बिल्कुल नहीं। पूरा तमिल समुदाय मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा है।” मुख्यमंत्री ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, “इन बीते वर्षों में मैं केवल अपने प्रति और अपनी अंतरात्मा के प्रति जवाबदेह रहा हूं। और मैं भविष्य में और भी अधिक परिश्रम करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।”



