

Bihar Education News: बिहार के शैक्षणिक गलियारों में एक नई सुबह दस्तक दे रही है, जहां वर्षों से चले आ रहे पारंपरिक ढर्रे को तोड़कर आधुनिकता की नई इबारत लिखी जा रही है। अब शिक्षा का सफर सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि तकनीक के पंखों से ऊंची उड़ान भरने को तैयार है।
बिहार एजुकेशन न्यूज़: विश्वविद्यालयों में अब डिजिटल होगा परीक्षा और परिणाम का दौर!
बिहार एजुकेशन न्यूज़: शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव
बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने राज्य के विश्वविद्यालयों में बहुप्रतीक्षित शैक्षणिक सुधारों की घोषणा कर दी है। इन घोषणाओं के तहत, अब विश्वविद्यालयों की परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल किया जाएगा और एक निश्चित अकादमिक कैलेंडर लागू किया जाएगा। यह कदम बिहार की उच्च शिक्षा को नई दिशा देने की ओर एक महत्वपूर्ण पहल है।
नई व्यवस्था के अंतर्गत, उत्तर पुस्तिकाओं की जांच अब डिजिटल माध्यम से होगी, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति आएगी। इसके साथ ही, परीक्षाओं के परिणामों की तारीखें भी पहले से तय कर दी जाएंगी। यह कदम छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए अनिश्चितता को खत्म करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित करेगा कि शैक्षणिक सत्र समय पर शुरू और खत्म हों।
शिक्षा मंत्री के अनुसार, यह प्रणाली राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही तुरंत प्रभाव से लागू हो जाएगी। इस क्रांतिकारी परिवर्तन से न केवल परीक्षा और परिणाम चक्र में सुधार होगा, बल्कि पूरे शैक्षणिक वातावरण में एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। इस बड़े शैक्षणिक सुधार की लंबे समय से मांग की जा रही थी।
पारदर्शिता और समयबद्धता की नई मिसाल
उच्च शिक्षा में डिजिटल प्रणाली का यह समावेश न केवल प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करेगा, बल्कि अनियमितताओं पर भी लगाम लगाएगा। छात्रों को अब अपने परिणामों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, और वे अपनी आगे की पढ़ाई या करियर की योजना अधिक प्रभावी ढंग से बना पाएंगे। यह शैक्षणिक सुधार छात्रों के भविष्य को उज्जवल बनाएगा। विश्वविद्यालयों के लिए एक निश्चित अकादमिक कैलेंडर का पालन करना अनिवार्य होगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि कक्षाएं, परीक्षाएं और परिणाम एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर संपन्न हों।
इस पहल से उच्च शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही बढ़ेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ यह बदलाव केवल तकनीकी नहीं, बल्कि यह शैक्षणिक नैतिकता और गुणवत्ता को बढ़ाने की दिशा में एक मजबूत संदेश भी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
डिजिटल मूल्यांकन: नई व्यवस्था का आधार
डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली का अर्थ है कि अब उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके कंप्यूटर पर जांचा जाएगा। यह प्रक्रिया मैन्युअल जांच की तुलना में अधिक सटीक और तेज़ होती है। इससे गलतियों की गुंजाइश कम होती है और परिणाम अधिक विश्वसनीय होते हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि यह आधुनिक तकनीक का उपयोग करके छात्रों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पूरी प्रक्रिया बिहार की शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



