

Darbhanga Medical College: जब वक्त की सुइयां उल्टी घूमती हैं और यादों का कारवां लौटता है, तो नजारा देखने लायक होता है। कुछ ऐसा ही मंजर दरभंगा में सजने वाला है, जहां चिकित्सा जगत के कई दिग्गज अपनी जड़ों की ओर लौट रहे हैं। मौका है बिहार के दूसरे सबसे पुराने और प्रतिष्ठित दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय के 101वें स्थापना दिवस का, जिसे लेकर तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। 23 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह में वर्तमान छात्रों के साथ-साथ देश-विदेश में सेवा दे रहे पुराने छात्र भी जुटेंगे, जो इसे एक यादगार अवसर बनाएगा।
Darbhanga Medical College में भव्य आयोजन की तैयारी
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एक विस्तृत आयोजन समिति का गठन किया गया है, जिसकी कमान प्राचार्य डॉक्टर यू सी झा के हाथों में है। उनके साथ अधीक्षक डॉ जगदीश चंद्रा सह-अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। आयोजन सचिव डॉ विजेंद्र मिश्रा और कोषाध्यक्ष डॉक्टर कमरुद्दीन अंसारी कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इस समिति में वर्तमान और पूर्व शिक्षकों के साथ-साथ विभागाध्यक्षों को भी शामिल किया गया है। इस वर्ष की एक खास बात यह भी है कि छात्रों की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक अलग उप-आयोजन समिति भी बनाई गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अनुमान है कि इस समारोह में पूर्व छात्रों और उनके परिवारजनों को मिलाकर लगभग 2000 लोग शामिल होंगे, जिससे कॉलेज परिसर उत्सव के माहौल में डूब जाएगा।
मुख्य अतिथि होंगे राज्यसभा सांसद, ये दिग्गज भी करेंगे शिरकत
दिनांक 23 फरवरी 2026 को होने वाले मुख्य समारोह में राज्यसभा सदस्य माननीय श्री संजय झा मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। उनके अलावा, मानद अतिथि के रूप में कॉलेज के पूर्व प्राचार्य एवं ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ एसपी सिंह और दरभंगा सदर के विधायक श्री संजय सरावगी भी मंच की शोभा बढ़ाएंगे। इन गणमान्य हस्तियों की मौजूदगी इस कार्यक्रम को और भी खास बना देगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
ज्ञान और सम्मान का संगम: जानिए दिनभर का पूरा कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे पुराने कैंपस में ध्वजारोहण और महाराजा की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ होगी। इस वर्ष ध्वजारोहण का सम्मान 1965 बैच की एलुमनाई एवं कॉलेज की वरीय स्त्री-रोग विशेषज्ञ डॉक्टर श्रीमती मीना महासेठ को दिया गया है।
- सुबह 9:00 बजे: ध्वजारोहण के बाद छात्र नाच-गाने के साथ मार्च-पास्ट करते हुए ए-ब्लॉक पहुंचेंगे, जहां पुस्तकालय में महाराज रामेश्वर सिंह के तैल चित्र पर माल्यार्पण किया जाएगा।
- सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे तक: ऑडिटोरियम में एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक कार्यशाला का आयोजन होगा, जिसमें मृत्यु के चिकित्सकीय प्रमाणीकरण (MCCD) और ICD-10 मानकों के अनुसार मृत्यु के कारणों के सही दस्तावेजीकरण पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक: मुख्य कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन माननीय संजय झा द्वारा किया जाएगा। इसी सत्र में सेवानिवृत्त शिक्षकों और मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इसके अतिरिक्त, 22 फरवरी को “पॉजिटिव हेल्थ – स्ट्रेंथेनिंग लाइफ” विषय पर एक सीएमई और साइंटिफिक कांग्रेस का भी आयोजन किया गया है, जिसे एमसीआई द्वारा 8 क्रेडिट घंटे प्रदान किए गए हैं।
सांस्कृतिक संध्या और यादों का जश्न
दिनभर के औपचारिक कार्यक्रमों के बाद शाम का समय पूरी तरह से मनोरंजन और पुरानी यादों को समर्पित होगा। शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें छात्र-छात्राएं और शिक्षक अपनी गायन, नृत्य एवं अन्य कलाओं का प्रदर्शन करेंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नए और पुराने छात्रों का ‘मीट-एंड-ग्रीट’ सेशन होगा, जहां वे अपने अनुभव साझा करेंगे। इस शानदार शाम को आतिशबाजी और भी यादगार बना देगी। कार्यक्रम का समापन सामूहिक सहभोज के साथ होगा, जहां सभी एक साथ बैठकर इस खूबसूरत दिन को विदा करेंगे। इस पूरे स्थापना दिवस समारोह को यादगार बनाने के लिए हर साल की तरह इस वर्ष भी एक स्मारिका का विमोचन किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पिछले एक सप्ताह से कॉलेज परिसर में खेलकूद और साहित्यिक गतिविधियां भी चल रही हैं, जिससे उत्सव का माहौल बना हुआ है।




