

Darbhanga News: कानून के लंबे हाथ और अदालत की चौखट, जहां इंसाफ की उम्मीदें परवान चढ़ती हैं और मुजरिमों के मंसूबे पस्त हो जाते हैं। दरभंगा की अदालत में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां हत्या जैसे संगीन मामलों के 7 आरोपियों को कोई राहत नहीं मिली और उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गईं।
Darbhanga News: इन तीन मामलों में नहीं मिली कोई राहत
जानकारी के अनुसार, सिविल कोर्ट दरभंगा के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की अदालत ने हत्या से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में सुनवाई की। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने इस संबंध में बताया कि अदालत ने सभी तथ्यों और दलीलों पर गौर करने के बाद आधे दर्जन अभियुक्तों की जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया।
इन अभियुक्तों में शामिल हैं:
- हायाघाट थानाकांड संख्या 185/23 के आरोपी राम प्रसाद कुमार उर्फ श्याम कुमार तथा श्रवण कुमार।
- हायाघाट थानाकांड संख्या 212/25 के अभियुक्त संजीव शर्मा और निर्मला देवी।
- हायाघाट थानाकांड संख्या 14/26 के अभियुक्त मो. मेराज और मो. इरशाद।
इन सभी की नियमित जमानत याचिका को अदालत ने खारिज करते हुए जेल में ही रहने का आदेश दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
नाबालिग को जहर देकर मारने के आरोपी को भी झटका
वहीं एक अन्य गंभीर मामले में अपर सत्र न्यायाधीश नागेश प्रताप सिंह की अदालत ने भी सख्त रुख अपनाया। यह मामला कमतौल थाना से जुड़ा है, जहां एक 18 वर्षीय लड़की की हत्या का आरोप है। दरभंगा सिविल कोर्ट में हुई इस सुनवाई में कमतौल थानाकांड संख्या 194/25 के अभियुक्त विदेशी महतो उर्फ विदेशी कुमार महतो की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई।
अभियुक्त पर आरोप है कि उसने गर्भपात की दवा खिलाने के बहाने लड़की को जहर देकर मार डाला था। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्त विदेशी महतो की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अदालत के इन फैसलों ने स्पष्ट कर दिया है कि गंभीर अपराधों में नरमी की कोई गुंजाइश नहीं है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।



