

Purnia Cyber Crime: सोशल मीडिया की चमक के पीछे छिपे अंधेरे का एक और घिनौना चेहरा सामने आया है, जहां चंद लाइक्स और फॉलोअर्स के लिए किसी की इज़्ज़त को दांव पर लगा दिया जाता है। पूर्णिया में साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे ही मामले का पर्दाफाश करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन पर एक महिला की तस्वीर को फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर वायरल करने का गंभीर आरोप है।
Purnia Cyber Crime मामले में पुलिस ने कैसे बिछाया जाल
साइबर थाने को मिली एक शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूर्व में दर्ज एक सनहा के आधार पर तकनीकी अनुसंधान, विश्लेषण और खुफिया जानकारी जुटाई गई। इसी जांच के आधार पर पुलिस ने 18 फरवरी को दो संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हिरासत में लिए गए युवकों की पहचान रूपक कुमार उर्फ सूरज कुमार (पिता– स्व. पारसनाथ) और सुमन कुमार (पिता– युगलकिशोर दास) के रूप में हुई है। दोनों पूर्णिया जिले के सरसी थाना क्षेत्र के मझुआ प्रेम राज मिलिख के रहने वाले हैं।
पूछताछ के दौरान, शुरुआत में आनाकानी करने के बाद आखिरकार दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने ही फर्जी सिम का इस्तेमाल कर इंस्टाग्राम पर नकली प्रोफाइल बनाई और महिला की तस्वीर को वायरल किया था। इस कबूलनामे के बाद साइबर थाना पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
अदालत में पेशी और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया है। पुलिस इस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है, जिसमें यह पता लगाना भी शामिल है कि उन्होंने यह फर्जी सिम कार्ड कहां से और कैसे हासिल किया। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग और इसके कारण होने वाले मानसिक उत्पीड़न के मुद्दे को सामने ला दिया है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करते समय सतर्क रहें और किसी भी तरह के साइबर अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें, क्योंकि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।




