

Nal Jal Yojana: सरकार की योजनाएं जब जमीन पर उतरती हैं तो कई बार दम तोड़ देती हैं, ऐसा ही कुछ कहलगांव के हरचंदपुर में हुआ है जहां नल से जल की आस में बैठे लोगों के सपने पाइपलाइन में ही सूख गए हैं।
Nal Jal Yojana: सरकार की योजनाएं जब जमीन पर उतरती हैं तो कई बार दम तोड़ देती हैं, ऐसा ही कुछ कहलगांव के हरचंदपुर में हुआ है जहां नल से जल की आस में बैठे लोगों के सपने पाइपलाइन में ही सूख गए हैं। भागलपुर जिले के कहलगांव प्रखंड से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी नल जल योजना पूरी तरह से दम तोड़ती नजर आ रही है। प्रखंड के सियां पंचायत के हरचंदपुर गांव (वार्ड संख्या 7) में लगभग 150 परिवार आज भी नल से शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं। आलम यह है कि योजना के तहत लगाई गई पानी की टंकी हाथी का दांत साबित हो रही है और ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
क्यों विफल हुई Nal Jal Yojana?
मिली जानकारी के अनुसार, इस वार्ड में योजना के तहत जो पानी की टंकी स्थापित की गई थी, वह गांव से काफी दूरी पर और एक गड्ढे में स्थित है। इस तकनीकी खामी के कारण पानी का दबाव नहीं बन पाता और केवल 25 घरों तक ही पानी की आपूर्ति हो पा रही है। बाकी के 150 परिवार पूरी तरह से इस योजना के लाभ से वंचित हैं, जिससे गांव में गंभीर पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मामले को लेकर वार्ड सदस्य अमल कुमार उर्फ गुड्डू ने कई बार स्थानीय अधिकारियों से गुहार लगाई है।
उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), कहलगांव के समक्ष भी इस समस्या को रखा, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
वार्ड सदस्य ने उठाया बड़ा कदम
जब स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई, तो वार्ड सदस्य अमल कुमार ने अब सीधे लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, भागलपुर के कार्यपालक अभियंता को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया है। उन्होंने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि कैसे एक छोटी सी लापरवाही के कारण सरकार की इतनी महत्वपूर्ण योजना का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकाला जाए ताकि हरचंदपुर के लोगों को भी स्वच्छ पेयजल मिल सके।



