

Aaj Ka Panchang: फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि, जिसे वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी के रूप में भी जाना जाता है, 21 फरवरी 2026, शनिवार को मनाई जाएगी। यह पावन दिवस भगवान श्री गणेश को समर्पित है, जिनके पूजन से जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आज का पंचांग: 21 फरवरी 2026, वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी पर पाएं शुभ फल
शनिवार, 21 फरवरी 2026 का Aaj Ka Panchang और शुभ-अशुभ मुहूर्त
शास्त्रों में वर्णित है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने और विधि-विधान से गणपति बप्पा की आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और विघ्नहर्ता उनके समस्त कष्टों का हरण करते हैं। यह दिन विशेष रूप से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और भौतिक समृद्धि प्रदान करता है। आज के Aaj Ka Panchang के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग का अवलोकन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह शुभ और अशुभ समय का ज्ञान कराता है। विशेषकर, राहुकाल के समय किसी भी मंगल कार्य को करने से बचना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जहां आपको धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।
वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी व्रत की पूजा विधि
- सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें।
- पूजा स्थल पर भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- गणेश जी को गंगाजल से स्नान कराएं।
- उन्हें रोली, अक्षत, पुष्प, दूर्वा घास और सिंदूर अर्पित करें।
- मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
- धूप-दीप प्रज्वलित कर आरती करें।
- पूजा के दौरान गणेश मंत्रों का जाप करें।
- शाम को चंद्र दर्शन के बाद व्रत का पारण करें।
आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त
21 फरवरी 2026, शनिवार
| विवरण | समय |
|---|---|
| सूर्य उदय | सुबह 06:54 बजे |
| सूर्य अस्त | शाम 06:16 बजे |
| चतुर्थी तिथि समाप्त | रात 10:54 बजे |
| नक्षत्र | हस्त (रात 12:26 बजे, 22 फरवरी तक) |
| योग | ध्रुव (रात 11:59 बजे तक) |
| करण | बालव (सुबह 09:36 बजे तक), कौलव (रात 10:54 बजे तक) |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12:12 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक |
| राहुकाल | सुबह 09:47 बजे से सुबह 11:12 बजे तक |
गणेश जी के प्रभावी मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः।
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
निष्कर्ष एवं उपाय
आज के इस पावन वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की आराधना से सभी विघ्न दूर होते हैं और जीवन में सकारात्मकता आती है। व्रत रखने वाले भक्त चंद्रोदय के बाद व्रत का पारण करें। संध्या काल में चंद्रमा को अर्घ्य देकर गणेश जी की आरती करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है और गणपति बप्पा का आशीर्वाद सदैव बना रहता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


