

DA Hike: देश भर में केंद्रीय कर्मचारियों के 8वें वेतन आयोग के इंतजार के बीच, केरल सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। इस कदम से राज्य के लाखों कर्मचारियों को सीधे तौर पर आर्थिक राहत मिलेगी और उनकी क्रय शक्ति में इजाफा होगा।
केरल सरकार का कर्मचारियों को बड़ा तोहफा: DA Hike से बढ़ेगी सैलरी और पेंशन
राज्य कर्मचारियों के लिए DA Hike: किसे मिलेगा लाभ?
केरल सरकार ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 10 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा की है। इस बढ़ोतरी के परिणामस्वरूप, राज्य सरकार के अधीन कार्यरत कर्मचारियों की मूल वेतन पर महंगाई भत्ता 25 प्रतिशत से बढ़कर 35 प्रतिशत हो जाएगा। यह निर्णय राज्य की अर्थव्यवस्था और कर्मचारियों के मनोबल दोनों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह DA Hike राज्य के लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों के जीवन पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव डालेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस फैसले से लाभान्वित होने वाले कर्मचारियों में निम्नलिखित श्रेणियां शामिल हैं:
- स्थानीय निकायों के कर्मचारी
- सहायता प्राप्त स्कूल-कॉलेज और पॉलिटेक्निक संस्थानों के शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी
- फुल-टाइम कंटिंजेंट कर्मचारी
- पार्ट-टाइम टीचर और पार्ट-टाइम कंटिंजेंट स्टाफ
- दोबारा नौकरी पाने वाले पेंशनर्स
बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता कर्मचारियों को उनकी मार्च महीने की सैलरी के साथ मिलेगा। पार्ट-टाइम टीचर्स, पार्ट-टाइम कंटिंजेंट स्टाफ और दोबारा नौकरी पाने वाले पेंशनर्स के लिए DA में बढ़ोतरी उनकी पात्र सैलरी के आधार पर की जाएगी। यह कदम सुनिश्चित करता है कि आर्थिक सुधार का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचे।
पेंशनभोगियों को भी मिली राहत
कर्मचारियों के साथ-साथ, सरकार ने राज्य सेवा पेंशनर्स, फैमिली पेंशनर्स और एक्स-ग्रेशिया पाने वालों के लिए भी डियरनेस रिलीफ (DR) में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। पेंशनभोगियों को बढ़ी हुई राशि अप्रैल महीने की पेंशन के साथ प्रदान की जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि DA और DR की बढ़ी हुई राशि के बकाया भुगतान के लिए एक अलग आदेश जारी किया जाएगा। स्थानीय निकायों के मामले में, अतिरिक्त खर्च का भार संबंधित संस्थानों द्वारा ही वहन किया जाएगा, जो वित्तीय स्वायत्तता को दर्शाता है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
सरकार के इस फैसले में राज्य के पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs), स्टैच्युटरी कॉर्पोरेशन्स, ऑटोनॉमस बॉडीज, बोर्ड्स और ग्रांट-इन-एड इंस्टीट्यूशन्स के लिए भी दिशा-निर्देश शामिल हैं, जो राज्य के महंगाई भत्ता और DR पैटर्न का पालन करते हैं। ये संगठन अपनी वित्तीय स्थिति का आकलन करने के बाद ही बढ़े हुए महंगाई भत्ते और डियरनेस रिलीफ को लागू कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यदि कोई संस्था अपने आंतरिक संसाधनों से अतिरिक्त लागत वहन करने में असमर्थ है, तो उसे राज्य सरकार से पूर्व-अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।
हालांकि, जिन संस्थानों में 90 प्रतिशत से अधिक वेतन या पेंशन खर्च सरकारी अनुदान से वित्तपोषित होते हैं, वे अपनी गवर्निंग बॉडी से अनुमोदन प्राप्त कर, अलग से सरकारी अनुमति के बिना ही बदले हुए DA और DR को जारी कर सकते हैं। यह नियम प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने में मदद करेगा। लेकिन, सरकार का यह आदेश केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (KSEB) और केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KSRTC) पर लागू नहीं होगा। इन महत्वपूर्ण संस्थानों के लिए विशिष्ट आदेश बाद में जारी किए जाएंगे, जो उनकी विशेष परिचालन आवश्यकताओं और वित्तीय संरचनाओं को ध्यान में रखेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


