

Gajkesari Rajyog: वैदिक ज्योतिष में शुभ योगों का महत्वपूर्ण स्थान है, जिनमें से गजकेसरी राजयोग को अत्यंत दुर्लभ और मंगलकारी माना जाता है। यह योग तब बनता है जब देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा कुंडली के किसी शुभ भाव में युति करते हैं या एक-दूसरे से केंद्र भाव (पहले, चौथे, सातवें या दसवें भाव) में स्थित होते हैं। यह राजयोग व्यक्ति को धन, सम्मान, यश और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करने वाला माना जाता है। फरवरी 2026 के अंत में यह विशेष योग बनने जा रहा है, जिसका प्रभाव कई राशियों पर सकारात्मक रूप से पड़ेगा, उनके जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता के नए द्वार खुलेंगे।
फरवरी अंत: जब गजकेसरी राजयोग बदलेगा कई राशियों की किस्मत
गजकेसरी राजयोग: निर्माण और ज्योतिषीय महत्व
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब चंद्रमा और बृहस्पति का शुभ संयोजन होता है, तो गजकेसरी राजयोग का निर्माण होता है। ‘गज’ का अर्थ हाथी और ‘केसरी’ का अर्थ सिंह है। जिस प्रकार हाथी शक्ति और स्थिरता का प्रतीक है, और सिंह साहस व नेतृत्व का, उसी प्रकार यह योग व्यक्ति को इन गुणों से युक्त करता है। यह योग विशेष रूप से बुद्धि, ज्ञान, धन और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि लाता है। जिन जातकों की कुंडली में यह योग प्रबल होता है, वे अपने जीवन में अद्भुत सफलताएं प्राप्त करते हैं।
यह शुभ Graha Gochar कई राशियों के लिए भाग्यशाली साबित होगा। देवगुरु बृहस्पति ज्ञान, धर्म, संतान और धन के कारक हैं, जबकि चंद्रमा मन, माता और सुख के कारक माने जाते हैं। इन दोनों ग्रहों का यह दिव्य मिलन जातकों के मन को शांत और स्थिर कर उन्हें सही दिशा में निर्णय लेने में सहायता करता है। इस योग के प्रभाव से जातकों की आर्थिक स्थिति में सुधार होता है और उन्हें समाज में उच्च स्थान प्राप्त होता है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह योग विशेषकर उन लोगों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा जो अपने करियर में ठहराव महसूस कर रहे थे या आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे थे। फरवरी के अंतिम दिनों में बनने वाला यह गजकेसरी राजयोग कई राशियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा, उन्हें अप्रत्याशित लाभ और उन्नति के अवसर प्रदान करेगा। यह समय आध्यात्मिक प्रगति और आंतरिक शांति के लिए भी उत्कृष्ट रहेगा।
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गजकेसरी राजयोग का शुभ प्रभाव
यह राजयोग मुख्य रूप से व्यक्ति की वित्तीय स्थिति को मजबूत करता है। करियर में पदोन्नति, व्यापार में लाभ और अप्रत्याशित धन लाभ की संभावनाएं प्रबल होती हैं। इसके अतिरिक्त, सामाजिक सम्मान में वृद्धि होती है और व्यक्ति का प्रभाव क्षेत्र बढ़ता है। परिवार में सुख-शांति का माहौल बनता है और संतान संबंधी शुभ समाचार प्राप्त हो सकते हैं। यह समय नए कार्यों की शुरुआत के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
कौन सी राशियां होंगी विशेष रूप से प्रभावित?
हालांकि गजकेसरी राजयोग का प्रभाव सभी राशियों पर किसी न किसी रूप में होता है, लेकिन कुछ राशियां इस दौरान विशेष रूप से लाभान्वित हो सकती हैं। मेष, कर्क, सिंह, धनु और मीन राशि के जातकों को इस योग से सर्वाधिक लाभ मिल सकता है। इनके लिए धन लाभ, करियर में सफलता और व्यक्तिगत संबंधों में मधुरता आने की प्रबल संभावनाएं हैं। इन राशियों के जातकों को इस अवधि में अपनी क्षमताओं का पूर्ण उपयोग करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
उन्नति और समृद्धि के मार्ग
इस शुभ योग के दौरान, जातकों को धर्म-कर्म के कार्यों में रुचि लेनी चाहिए। दान-पुण्य और गुरुजनों का सम्मान करना विशेष फलदायी होता है। यह अवधि आत्मनिरीक्षण और आध्यात्मिक विकास के लिए भी उत्तम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस Graha Gochar के चलते व्यक्तियों को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में शुभ परिणाम देखने को मिलेंगे, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर होंगे।
निष्कर्ष और उपाय
फरवरी 2026 के अंत में बनने वाला गजकेसरी राजयोग ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह योग कई राशियों के लिए भाग्य परिवर्तन का कारक बनेगा और उन्हें जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। इस शुभ अवधि का अधिकतम लाभ उठाने के लिए, जातकों को भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की आराधना करनी चाहिए। गुरुवार के दिन पीली वस्तुओं का दान करना और केले के वृक्ष की पूजा करना विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा। मंत्रों का जाप और ध्यान भी इस योग के सकारात्मक प्रभावों को और बढ़ाएगा। अपने मन को शांत रखें और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें, क्योंकि यह समय आपके लिए अनंत संभावनाओं के द्वार खोलने वाला है।

