

India US Trade Deal: देश की आर्थिक चाल पर असर डालने वाले अंतरराष्ट्रीय संबंध किसी पतंग की डोर जैसे होते हैं, जहां एक झटके में सब बदल सकता है। कांग्रेस ने ऐसे ही एक बड़े व्यापारिक फैसले पर सरकार को घेरा है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले के बाद केंद्र सरकार से भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार ढांचे को तत्काल रोकने की मांग की है। पत्रकारों से बात करते हुए रमेश ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ संबंधी निर्णय के मद्देनजर, मोदी सरकार को भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम समझौते के ढांचे को तुरंत निलंबित कर देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि संयुक्त बयान में निहित प्रावधान का उपयोग करते हुए कृषि उत्पादों के आयात उदारीकरण को समाप्त करने के लिए इस समझौते पर फिर से विचार किया जाना चाहिए।
इससे पहले, रमेश ने 2 फरवरी को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा के समय को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था। उन्होंने इसे हताशा और राजनीतिक ध्यान भटकाने का प्रयास बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, रमेश ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद की गई टिप्पणियों का हवाला दिया, जिसमें उनकी पारस्परिक टैरिफ नीति को रद्द कर दिया गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: क्या कहते हैं कांग्रेस के आरोप?
रमेश ने अपने पोस्ट में लिखा कि कल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके उस फैसले को रद्द किए जाने के बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि (i) श्री मोदी उनके घनिष्ठ मित्र हैं; (ii) भारत-अमेरिका व्यापार समझौता घोषित रूप में जारी रहेगा; (iii) उन्होंने व्यक्तिगत रूप से 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर को रोक दिया था, यह धमकी देते हुए कि यदि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर नहीं रोका तो वे अमेरिका को भारतीय निर्यात पर टैरिफ बढ़ा देंगे। उन्होंने आगे बताया कि 2 फरवरी 2026 को, राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे पहले घोषणा की थी कि भारत-अमेरिका समझौता अंतिम रूप दे दिया गया है और कहा था कि ‘प्रधानमंत्री मोदी के प्रति मित्रता और सम्मान के कारण, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, और उनके अनुरोध पर, तत्काल प्रभाव से, हमने संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौते पर सहमति व्यक्त की है।’
कांग्रेस नेता ने सरकार से सवाल किया कि आखिर किस बात ने प्रधानमंत्री मोदी को मजबूर किया कि वे राष्ट्रपति ट्रंप से 2 फरवरी 2026 की रात (भारतीय समयानुसार) भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा करवाएं? उस दोपहर लोकसभा में ऐसी कौन सी घटना हुई थी, जिसने श्री मोदी को इतना बेचैन कर दिया और व्हाइट हाउस में अपने अच्छे मित्र से संपर्क करके ध्यान भटकाने की कोशिश करने पर मजबूर कर दिया? रमेश ने आरोप लगाया कि अगर सरकार ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ संबंधी फैसले के लिए केवल 18 दिन और इंतजार किया होता, तो भारतीय किसानों और राष्ट्रीय हितों की बेहतर तरीके से रक्षा की जा सकती थी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
मोदी सरकार पर ‘आत्मसमर्पण’ का आरोप
उन्होंने आगे कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता वास्तव में एक ऐसी परीक्षा है जिसका सामना भारत को प्रधानमंत्री की हताशा और आत्मसमर्पण के कारण करना पड़ रहा है। यह आरोप कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार की व्यापार नीतियों और फैसलों पर लगातार उठाए जा रहे सवालों का एक हिस्सा है, जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों में देश के हितों की रक्षा को लेकर बहस छेड़ रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





