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फ़रवरी, 21, 2026
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Bihar DJ Vehicle Ban: बिहार में डीजे और मॉडिफाइड वाहनों पर लगा बैन, परिवहन विभाग का बड़ा फैसला

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Bihar DJ Vehicle Ban: जब सड़कों पर कानफोड़ू संगीत का शोर मर्यादा तोड़ रहा हो, तब कानून का चाबुक चलना स्वाभाविक है। बिहार परिवहन विभाग ने अब कमर कस ली है।

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बिहार में डीजे और मॉडिफाइड वाहनों पर शिकंजा: परिवहन विभाग का बड़ा फैसला

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Bihar DJ Vehicle Ban: बिहार परिवहन विभाग ने राज्य को अवैध रूप से संशोधित (मॉडिफाइड) और तेज आवाज वाले डीजे वाहनों से मुक्त करने का एक बड़ा और निर्णायक फैसला लिया है। विभाग के सचिव राज कुमार ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अगले 15 दिनों के भीतर बिना अनुमति के ऐसे सभी डीजे वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर लगाम लगाना है। गौरतलब है कि लंबे समय से ऐसे वाहन सड़कों पर बेलगाम दौड़ रहे थे, जिससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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## बिहार डीजे वाहन प्रतिबंध: क्या हैं नए नियम?

परिवहन विभाग बिहार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, किसी भी वाहन को ध्वनि उत्पन्न करने वाले उपकरणों, जैसे कि डीजे सिस्टम, को लगाने के लिए विशेष अनुमति लेनी होगी। इसके साथ ही, वाहनों के मूल स्वरूप में किसी भी तरह का गैर-कानूनी संशोधन, जिसमें इंजन या चेसिस में बदलाव शामिल हैं, दंडनीय होगा। अधिकारियों को इस संबंध में सख्त निगरानी रखने और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यह पहल उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

### अवैध संशोधनों पर कार्रवाई का खाका

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल डीजे वाहनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें वे सभी वाहन भी शामिल होंगे जिन्हें अवैध तरीके से मॉडिफाई किया गया है। खासकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ऐसे ट्रैक्टर और अन्य मालवाहक वाहन भी अब जांच के दायरे में आएंगे, जिनके साइलेंसर को हटाकर या बदल कर तेज आवाज पैदा की जाती है। इस प्रकार के वाहनों से न केवल ध्वनि प्रदूषण फैलता है, बल्कि कई बार इनसे दुर्घटनाओं का भी खतरा बना रहता है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कानून का पालन हर हाल में हो।

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* **15 दिनों की मोहलत:** सभी अवैध डीजे और मॉडिफाइड वाहनों को स्वयं से दुरुस्त करने या हटवाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
* **सख्त कार्रवाई:** इस अवधि के बाद पकड़े जाने पर वाहन जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
* **उल्लंघन पर भारी जुर्माना:** नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और वाहन मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।

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### ध्वनि प्रदूषण और सुरक्षा पर जोर

राज्य सरकार का यह कदम ध्वनि प्रदूषण के बढ़ते स्तर और सड़क सुरक्षा को लेकर उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। तेज आवाज वाले डीजे और मॉडिफाइड वाहन न केवल ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं, बल्कि सड़कों पर भय का माहौल भी बनाते हैं। रात के समय में इनकी आवाज अक्सर लोगों की नींद में खलल डालती है, वहीं इनके कारण बच्चों और बुजुर्गों को विशेष परेशानी होती है। परिवहन विभाग बिहार की इस पहल से उम्मीद है कि राज्य में एक शांत और सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित करने में मदद मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

## हाईकोर्ट के निर्देश और सरकार की तैयारी

यह कार्रवाई पटना उच्च न्यायालय द्वारा अवैध डीजे वाहनों पर रोक लगाने के निर्देशों के मद्देनजर की जा रही है। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर कार्रवाई करने का आदेश दिया था। इसके बाद से ही परिवहन विभाग तैयारी में जुटा था और अब उसने इस बड़े फैसले को लागू करने की समय सीमा तय कर दी है। सभी जिला परिवहन अधिकारियों (DTOs) को इस अभियान को सफलतापूर्वक चलाने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। उनकी जिम्मेदारी होगी कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इन नियमों का कड़ाई से पालन करवाएं। इस संबंध में जल्द ही एक व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि आम जनता को नए नियमों और उनके प्रभावों के बारे में जानकारी मिल सके। यह अभियान राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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## सामाजिक प्रभाव और आगे की राह

इस प्रतिबंध से जहां एक ओर ध्वनि प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा। विवाह समारोहों, पूजा आयोजनों और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में अक्सर डीजे वाहनों का अत्यधिक उपयोग देखा जाता है, जो नियमों का उल्लंघन करते हैं। इस नए निर्देश के बाद, आयोजकों को ध्वनि की मर्यादा का पालन करना होगा और निर्धारित डेसिबल सीमा का उल्लंघन करने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह अभियान कितनी प्रभावी ढंग से लागू हो पाता है और क्या यह बिहार को अवैध रूप से संशोधित और तेज आवाज वाले डीजे वाहनों से वास्तव में मुक्ति दिला पाएगा।

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