

Biraul Crime News: गुनाह के पांव नहीं होते, सच एक दिन बाहर आ ही जाता है। बिरौल में चार महीने पहले हुई गोलीबारी की एक घटना ने जब पलटी मारी तो शिकायत करने वाला ही साजिशकर्ता निकला और अपने साथियों संग जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया। यह मामला बिरौल थाना क्षेत्र के सहसराम पंचायत का है, जहां एक युवक को गोली लगने की खबर ने सनसनी फैला दी थी।
मामला पिछले साल 13 सितंबर का है, जब सहसराम गांव निवासी राम ललित चौधरी के बेटे राजा चौधरी को जांघ में गोली लगी थी। घटना के बाद, मामले के एक आरोपी शिवम कुमार उर्फ काली चौधरी ने पुलिस को बयान दिया था कि जब वे सभी दोस्त एक दरवाजे पर बैठे थे, तभी अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने राजा पर गोली चला दी और फरार हो गए। लेकिन पुलिस को यह कहानी शुरुआत से ही हजम नहीं हो रही थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। गहन पुलिस जांच में पूरी कहानी झूठी निकली और एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ।
Biraul Crime News: खुद के बुने जाल में फंसा वादी, पुलिस ने खोला राज
थानाध्यक्ष चन्द्रमणि ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह किसी अज्ञात अपराधी द्वारा की गई फायरिंग नहीं थी, बल्कि चारों दोस्तों के बीच एक लोडेड बंदूक की छीना-झपटी का नतीजा था। इसी छीना-झपटी के दौरान गोली चल गई, जो सीधे राजा चौधरी की जांघ में जा लगी। सच सामने आने के बाद पुलिस ने इस मामले में झूठा मुकदमा कर गुमराह करने के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
गिरफ्तार युवकों की पहचान सहसराम निवासी राजा चौधरी, चंद्र किशोर चौधरी के बेटे शिवम कुमार चौधरी और घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के दक्षिणी कसरोड़ निवासी मणिकांत झा के बेटे संतोष कुमार झा के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि इस घटना में एक चौथा साथी भी शामिल था, जिसकी पहचान बिरौल थाना क्षेत्र के पघारी गांव निवासी विजय झा के बेटे सौरभ झा के रूप में हुई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सौरभ झा वर्तमान में बहादुरपुर थाना क्षेत्र में हुए एक हत्याकांड के सिलसिले में पहले से ही जेल में बंद है। पुलिस ने उसे रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय से अनुमति मांगी है।
थानाध्यक्ष ने किया मामले का खुलासा
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि घटना के बाद सभी दोस्तों ने मिलकर साजिश रची। उन्होंने घायल राजा चौधरी को इलाज के लिए सुपौल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, ताकि स्थानीय पुलिस और लोगों को भनक न लगे। वहीं से यह झूठी कहानी गढ़ी गई कि बाइक सवार अज्ञात अपराधियों ने गोली मारी है। अस्पताल में ही राजा की जांघ से गोली निकाली गई थी। पुलिस को गुमराह करने और खुद को बचाने के लिए रची गई यह पूरी साजिश आखिरकार नाकाम हो गई। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। इस खुलासे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, एक न एक दिन पकड़ा ही जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





