

Darbhanga News: कहते हैं कि सफर की शुरुआत पहले कदम से होती है, और जब ये कदम मजबूती से आगे बढ़ें तो मंजिल आसान हो जाती है। दरभंगा के दिव्यांग बच्चों के लिए सरकार और प्रशासन की एक छोटी सी पहल उनके भविष्य की राह में मील का पत्थर साबित हो रही है।
Darbhanga News: दिव्यांग बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान
दरभंगा स्थित श्री कामेश्वरी प्रिया राजकीय मूक-बधिर विद्यालय में पढ़ने वाले श्रवण एवं वाक बाधित छात्र-छात्राओं के लिए मंगलवार का दिन एक नई सौगात लेकर आया। जिला पदाधिकारी श्री कौशल कुमार के विशेष निर्देश पर इन बच्चों के बीच जूते और चप्पलों का वितरण किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी बच्चा बुनियादी सुविधाओं के अभाव में पीछे न रह जाए। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सहायक निदेशक, आशीष अमन ने खुद अपने हाथों से बच्चों को जूते-चप्पल पहनाए और उनके साथ कुछ पल बिताए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इन बच्चों के समग्र विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह के प्रयासों से दिव्यांग सशक्तिकरण की सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलती है।
इस कार्यक्रम ने न केवल बच्चों की एक जरूरत पूरी की, बल्कि उनके चेहरों पर एक अनमोल मुस्कान भी बिखेर दी। अब वे और भी आत्मविश्वास के साथ अपने स्कूल के प्रांगण में कदम रख सकेंगे। जिला प्रशासन का यह कदम उन अनगिनत प्रयासों का हिस्सा है जो दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए किए जा रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: <a href=”https://deshajtimes.com/news/national/”>https://deshajtimes.com/news/national/</a>।
सरकार की ओर से लगातार मिल रही मदद
यह पहली बार नहीं है जब इन विशेष बच्चों के लिए इस तरह की पहल की गई है। सहायक निदेशक ने जानकारी दी कि इससे पहले भी समाज कल्याण मंत्री, मदन सहनी द्वारा विद्यालय के सभी छात्रों के बीच टी-शर्ट, लोअर और सर्दियों के लिए स्वेटर का वितरण किया जा चुका है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ये निरंतर प्रयास इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार और स्थानीय प्रशासन इन बच्चों की हर छोटी-बड़ी जरूरतों का ख्याल रखने के लिए संकल्पित हैं।
इन सरकारी प्रयासों का लक्ष्य सिर्फ सामग्री वितरित करना नहीं, बल्कि इन बच्चों में यह विश्वास जगाना भी है कि वे अकेले नहीं हैं और पूरा समाज उनके साथ खड़ा है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि इन बच्चों को शिक्षा और विकास के हर अवसर मिलें, ताकि वे भी भविष्य में आत्मनिर्भर बनकर अपना और अपने परिवार का नाम रौशन कर सकें।




