

Bokaro News: लोकतंत्र का महापर्व केवल वोट डालने तक सीमित नहीं, असली परीक्षा तो उसके बाद शुरू होती है। चुनावी रण के समाप्त होने के बाद अब मतपेटियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में शनिवार को नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 के मद्देनजर मतदान समाप्त होने के बाद बैलेट बॉक्स और अन्य सामग्रियों को सुरक्षित तरीके से प्राप्त करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
Bokaro News: मतगणना से पहले सबसे बड़ी चुनौती
यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम सेक्टर-2/सी स्थित डीएवी इस्पात विद्यालय के सभागार में आयोजित किया गया। इस सत्र में रिसीविंग काउंटर पर तैनात किए जाने वाले पर्यवेक्षकों, सहायकों और अन्य कर्मियों समेत कुल 217 प्रशिक्षार्थियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान चास नगर निगम की निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी प्रांजल ढांडा, प्रशिक्षण कोषांग के वरीय पदाधिकारी प्रभाष दत्ता, और चास नगर निगम एवं फुसरो नगर परिषद के सभी सहायक निर्वाची पदाधिकारी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह प्रशिक्षण आगामी नगर निगम चुनाव को निष्पक्ष बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मतदान के बाद बैलेट बॉक्स को जमा करने की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोई चूक न हो। अधिकारियों को हर उस छोटी-बड़ी जानकारी से अवगत कराया गया, जो इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाती है।
पारदर्शिता और सुरक्षा पर रहा मुख्य फोकस
प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए प्रशिक्षण कोषांग के वरीय पदाधिकारी प्रभाष दत्ता ने मतदान दलों से सामग्री प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया को बारीकी से समझाया। उन्होंने बताया कि मतदान समाप्त होने पर प्रत्येक मतदान दल निर्धारित रिसीविंग सेंटर पर पहुंचेगा। वहां चरणबद्ध तरीके से बैलेट बॉक्स, सील की स्थिति, टैग मिलान, प्रपत्रों का सत्यापन और अभिलेखों की प्रविष्टि की जाएगी। प्रशिक्षकों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यह कार्य अत्यंत सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल संबंधित सेक्टर पदाधिकारी को सूचित करने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा, स्ट्रॉन्ग रूम में बैलेट बॉक्स जमा कराने की प्रक्रिया, सीसीटीवी की निगरानी और उम्मीदवारों या उनके एजेंटों की उपस्थिति में सीलिंग की प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। कर्मियों को वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव देने के लिए एक मॉकड्रिल का भी आयोजन किया गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस अवसर पर निर्वाची पदाधिकारी प्रांजल ढांडा ने सभी को निर्देश दिया कि झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें और निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें।




