

Artificial Intelligence: बड़ी टेक कंपनियों के निवेश पैटर्न में एक महत्वपूर्ण बदलाव आ रहा है, जहाँ अब उनका फोकस शेयर बायबैक के बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश की ओर शिफ्ट हो गया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: बड़ी टेक कंपनियों का नया निवेश मंत्र
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में क्यों बढ़ रहा है निवेश?
अल्फाबेट, माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न और मेटा जैसी दिग्गज कंपनियां अब निवेशकों को स्टॉक बायबैक के ज़रिए नकद लौटाने के बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े बुनियादी ढाँचे में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पिछली तिमाही में 2019 के बाद सबसे कम संयुक्त बायबैक देखे गए। इन कंपनियों की योजना इस साल $700 बिलियन से अधिक का पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) करने की है, जिससे उनके फ्री कैश फ्लो पर अल्पकालिक दबाव बढ़ सकता है। तिमाही नतीजों के बाद कई टेक स्टॉक्स में गिरावट भी देखी गई, जिससे निवेशक सतर्क नज़र आ रहे हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह कोई वित्तीय कमजोरी नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विकास के लिए एक रणनीतिक पूंजीगत व्यय बदलाव है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बदलती निवेश रणनीति और बाजार पर असर
यह बदलाव इस बात का संकेत है कि बिग टेक कंपनियां AI को भविष्य की वृद्धि का मुख्य इंजन मानती हैं। वे नए AI उत्पादों और सेवाओं को विकसित करने के लिए बड़े पैमाने पर अनुसंधान और विकास में निवेश कर रही हैं, साथ ही डेटा केंद्रों और चिप्स जैसी आवश्यक हार्डवेयर क्षमताओं को भी मजबूत कर रही हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस रणनीति से उन्हें भविष्य में प्रतिस्पर्धी बढ़त बनाए रखने में मदद मिलेगी।


