

Chaitra Month 2026: सनातन धर्म में चैत्र माह का विशेष महत्व है, जो कि हिंदू नववर्ष का प्रथम माह होता है। यह महीना प्रकृति के नवजागरण और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर होता है। इस पवित्र समय में कई महत्वपूर्ण पर्व और व्रत मनाए जाते हैं, जो जीवन में सुख-समृद्धि और शांति लाते हैं। आइए जानते हैं वर्ष 2026 में चैत्र माह की सही शुरुआत कब होगी, इसके महत्वपूर्ण योग और नक्षत्र क्या हैं, और इस पावन महीने का धार्मिक महत्व क्या है।
Chaitra Month 2026: जानें हिंदू नववर्ष की शुरुआत और धार्मिक महत्व
Chaitra Month 2026: कब से हो रही है इस पवित्र माह की शुरुआत?
सनातन धर्म की काल गणना के अनुसार, चैत्र माह शुक्ल प्रतिपदा से नए संवत्सर का आरंभ होता है। वर्ष 2026 में, चैत्र माह का शुभारंभ 19 मार्च, गुरुवार को होगा। इसी दिन से विक्रम संवत 2083 का प्रारंभ भी होगा, जिसे देश के विभिन्न हिस्सों में गुड़ी पड़वा और उगादी के रूप में उत्साह के साथ मनाया जाएगा। यह वह पवित्र समय है जब प्रकृति भी नवजीवन का संचार करती है और वृक्षों पर नई कोपलें फूटती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
चैत्र माह का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व
चैत्र माह का केवल कैलेंडर में बदलाव से कहीं अधिक गहरा अर्थ है। यह महीना भगवान ब्रह्मा द्वारा सृष्टि की रचना का प्रतीक माना जाता है। इसी माह की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को भगवान राम का राज्याभिषेक हुआ था और इसी दिन से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व भी आरंभ होता है, जो शक्ति की देवी मां दुर्गा को समर्पित है। इस दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है।
शुभ योग और नक्षत्र
चैत्र माह की शुरुआत में पड़ने वाले योग और नक्षत्र भी ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ फलदायी होते हैं। इस माह में पड़ने वाले कई शुभ योग और नक्षत्रों का वर्णन पंचांग में मिलता है, जो पूजा-पाठ, शुभ कार्यों और अनुष्ठानों के लिए विशेष महत्व रखते हैं। इस अवधि में किए गए धार्मिक कार्य विशेष पुण्य प्रदान करते हैं।
चैत्र नवरात्रि: शक्ति उपासना का महापर्व
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होकर नवमी तक चलने वाली चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। इन नौ दिनों में भक्तगण मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना कर उनसे सुख-समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। नवरात्रि में कलश स्थापना, दुर्गा सप्तशती का पाठ और कन्या पूजन का विशेष विधान है। इस दौरान उपवास रखने से आध्यात्मिक बल की वृद्धि होती है।
गुड़ी पड़वा और उगादी: हिंदू नववर्ष का उल्लास
चैत्र माह की प्रतिपदा को भारत के विभिन्न राज्यों में क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार हिंदू नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। महाराष्ट्र में इसे गुड़ी पड़वा कहते हैं, जहां विजय के प्रतीक स्वरूप गुड़ी स्थापित की जाती है। वहीं, दक्षिण भारत में इसे उगादी के नाम से जाना जाता है, जहां लोग नए साल की शुरुआत के लिए विशेष पकवान बनाते हैं और मंदिरों में दर्शन करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह नववर्ष का आगमन खुशियों और नई आशाओं का प्रतीक है।
धार्मिक अनुष्ठान और उपाय
चैत्र माह में भगवान सूर्य, मां दुर्गा और भगवान विष्णु की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। इस महीने में श्री रामनवमी का पर्व भी आता है, जब भगवान राम का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस माह में पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और पितरों के तर्पण का भी विशेष महत्व है। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।
निष्कर्ष
चैत्र माह 2026 सनातन संस्कृति में एक नई शुरुआत, पवित्रता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश लेकर आ रहा है। यह माह हमें प्रकृति के साथ जुड़ने, अपनी जड़ों को पहचानने और धार्मिक मूल्यों का पालन करने का अवसर प्रदान करता है। इस पूरे महीने में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो हमारे जीवन में खुशहाली और शांति लाता है। इस पावन अवसर पर सभी को सद्भाव और भक्ति के मार्ग पर चलना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

