

IIT Bombay: शिक्षा के मंदिर में जब अपराध की गूंज सुनाई दे, तो सवाल उठना लाजिमी है। देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल में कुछ ऐसा ही हुआ, जिसने सबको चौंका दिया है।
IIT Bombay में मचा हड़कंप, हॉस्टल के छात्र के बैग से मिले 5 जिंदा कारतूस, बिहार से जुड़ा सनसनीखेज कनेक्शन!
मुंबई के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे (आईआईटी पवई) के हॉस्टल परिसर से एक छात्र के बैग में पांच जिंदा कारतूस मिलने की खबर ने सनसनी फैला दी है। इस घटना के बाद पवई पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी छात्र के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और गहन जांच में जुट गई है। शुरुआती पूछताछ में इस मामले के तार बिहार के समस्तीपुर और मुंगेर से जुड़ते नजर आ रहे हैं।
IIT Bombay हॉस्टल में कैसे पहुंचा गोला-बारूद?
जानकारी के अनुसार, सुरक्षाकर्मियों को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि आईआईटी के हॉस्टल में एक छात्र के पास कारतूस हैं। इस सूचना के आधार पर जब सुरक्षा टीम ने जांच अभियान चलाया, तो एक छात्र के बैग से 7.65 एमएम के पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए। इन कारतूसों पर “केएफ 7.65” की मार्किंग थी और इनकी अनुमानित कीमत लगभग 3,500 रुपए बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पवई पुलिस को सूचित किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पुलिस ने इस मामले में 23 वर्षीय सर्वोत्तम आनंद सतीशचंद्र चौधरी के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। यह पूरा मामला हॉस्टल नंबर-1 के ग्राउंड फ्लोर पर दो छात्रों के बीच हुए एक मामूली विवाद से शुरू हुआ था, जिसके बाद यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
पैसों के लेन-देन का झगड़ा और तलाशी में खुला राज
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हॉस्टल नंबर-1 में रहने वाले दो छात्रों, सूरज दुबे (रूम नंबर 93) और अमन (रूम नंबर 89) के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर झगड़ा हुआ था। शोर सुनकर सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और दोनों को शांत कराया। बातचीत के दौरान सुरक्षाकर्मियों को सूरज दुबे और उसके दोस्त अपूर्व मिश्रा से शराब की गंध आई, जो संस्थान के नियमों का उल्लंघन था।
इसके बाद नियमों के तहत जब उनके कमरों की तलाशी ली गई, तो सूरज दुबे के कमरे में रखे एक काले बैग से ये जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में सूरज ने बताया कि यह बैग उसके दोस्त अपूर्व मिश्रा का है। जब पुलिस ने अपूर्व से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने दावा किया कि ये कारतूस उसके दोस्त सर्वोत्तम चौधरी के हैं, जो मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है। इस पूरे मामले ने संस्थान की सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
बिहार के मुंगेर से खरीदे गए थे कारतूस
जब पुलिस ने मुख्य आरोपी सर्वोत्तम चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने कथित तौर पर यह बात स्वीकार कर ली कि उसने ये कारतूस बिहार के मुंगेर से खरीदे थे। इस कबूलनामे के बाद पवई पुलिस ने सर्वोत्तम पर अवैध रूप से गोला-बारूद रखने और उसे मुंबई तक लाने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अब इस मामले की कई एंगल से जांच कर रही है। एक विशेष टीम का गठन किया गया है जो सर्वोत्तम के निशानदेही पर मुंगेर में कारतूस बेचने वाले सप्लायर की तलाश कर रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि ये कारतूस किस मकसद से खरीदे गए थे और क्या सर्वोत्तम ने इन्हें किसी और को भी सप्लाई किया है। पुलिस इस संभावित अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।


