back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 22, 2026
spot_img

Jeevika Didis के लिए बिहार सरकार का ऐतिहासिक फैसला: 67 करोड़ की आयकर छूट से खुलेंगे समृद्धि के द्वार!

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Jeevika Didis: बिहार की धरती पर बदलाव की नई बयार बह रही है, जहां सशक्तिकरण की किरणें अब सीधे उन हाथों तक पहुँच रही हैं, जिन्होंने अपने श्रम से समाज की नींव को मजबूत किया है। राज्य सरकार के एक अभूतपूर्व निर्णय ने लाखों जीविका दीदियों के जीवन में आर्थिक क्रांति का सूत्रपात कर दिया है।

- Advertisement -

Jeevika Didis के लिए बिहार सरकार का ऐतिहासिक फैसला: 67 करोड़ की आयकर छूट से खुलेंगे समृद्धि के द्वार!

Jeevika Didis को मिली 67 करोड़ से अधिक की आयकर छूट: क्या है इसका महत्व?

बिहार सरकार ने राज्य की सामुदायिक स्तर की फेडरेशनों (सीएलएफ) के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम उठाया है, जिससे उन्हें आयकर में भारी छूट प्राप्त हुई है। इस वित्तीय वर्ष में सीएलएफ को 67 करोड़ रुपये से अधिक की आयकर छूट मिली है। यह बड़ी राशि सीधे जीविका दीदियों द्वारा चलाए जा रहे स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के माध्यम से उनके रोजगार सृजन, पूंजी सुदृढ़ीकरण और समग्र आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उपयोग की जाएगी। यह निर्णय उन ग्रामीण महिलाओं के अथक प्रयासों को सम्मान देता है, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से अपनी और अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति को सुधारा है।

- Advertisement -

इस छूट का सीधा लाभ उन हजारों महिलाओं को मिलेगा जो जीविका कार्यक्रम से जुड़ी हैं और अपने छोटे-छोटे व्यवसायों या कृषि आधारित गतिविधियों के माध्यम से आजीविका कमा रही हैं। आयकर में मिली यह राहत उनके व्यापार के विस्तार, नई परियोजनाएं शुरू करने और अधिक लोगों को रोजगार देने में सहायक सिद्ध होगी। यह बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें आर्थिक रूप से और अधिक आत्मनिर्भर बनाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bihar Minority Jobs: बिहार माइनॉरिटी जॉब्स का खुला ऑफर... अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में बंपर बहाली, 1076 नए पदों पर होगी नियुक्ति!

बिहार राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (जीविका) के तहत, सामुदायिक स्तर की फेडरेशन (सीएलएफ) ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों को संगठित करने और उनका समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये फेडरेशन न केवल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती हैं बल्कि सदस्यों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और बाजार तक पहुँचने में भी मदद करती हैं। यह आयकर छूट उनके संचालन को सुगम बनाएगी और उन्हें अपने मिशन को और प्रभावी ढंग से पूरा करने में सक्षम बनाएगी।

देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

यह फैसला दर्शाता है कि बिहार सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह की वित्तीय सहायता से निश्चित रूप से निचले स्तर पर महिला आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा और वे राज्य के विकास में और भी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी। इस पहल से न केवल वित्तीय लाभ मिलेगा बल्कि जीविका दीदियों का मनोबल भी बढ़ेगा, जिससे वे अपने समुदायों में बदलाव की वाहक बनेंगी।

सामुदायिक स्तर पर सशक्तिकरण की नई गाथा

जीविका कार्यक्रम बिहार के ग्रामीण परिदृश्य में एक परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में उभरा है। लाखों महिलाएं इस कार्यक्रम से जुड़कर न केवल अपने लिए आय के स्रोत पैदा कर रही हैं, बल्कि सामाजिक बदलाव की भी अगुवाई कर रही हैं। यह आयकर छूट उन फेडरेशनों के लिए एक प्रोत्साहन का काम करेगी जो जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रही हैं। यह उनके पूंजी आधार को मजबूत करेगा, जिससे वे अधिक महिलाओं को ऋण और अन्य वित्तीय सेवाएं प्रदान कर सकेंगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सरकार का एक दूरदर्शी कदम है जो ग्रामीण महिलाओं के उद्यमिता को नई उड़ान देगा।

यह भी पढ़ें:  Amit Shah Bihar Visit: सीमांत गांवों में शाह का शंखनाद, नेपाल-बांग्लादेश सीमा पर Amit Shah Bihar Visit से सियासी हलचल तेज, जानिए सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पश्चिमी चंपारण और दोहरे एजेंडे

राज्य सरकार का मानना है कि इस छूट से सीएलएफ की कार्यप्रणाली में और पारदर्शिता आएगी और वे अपने सदस्यों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और बेहतर तरीके से निभा पाएंगी। इससे जीविका दीदियों के जीवन स्तर में सुधार आएगा और वे अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान दे पाएंगी। इस कदम का उद्देश्य केवल वित्तीय सहायता प्रदान करना नहीं है, बल्कि एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां हर महिला को अपनी क्षमता का पूरा उपयोग करने का अवसर मिले। यह बिहार के विकास मॉडल का एक अभिन्न अंग है, जहां महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस निर्णय से जीविका दीदियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है और वे आने वाले समय में और भी बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित होंगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Ayesha Khan के साथ हुआ बड़ा फ्रॉड! फेक WhatsApp अकाउंट को लेकर मचा बवाल

Ayesha Khan News: रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना के साथ 'धुरंधर' में अपनी अदाओं...

स्कोडा कायलाक: 50,000 यूनिट्स का उत्पादन पार, बनी सुपरहिट एसयूवी

स्कोडा कायलाक: 50,000 यूनिट्स का उत्पादन पार, बनी सुपरहिट एसयूवीSkoda Kylaq: क्यों बढ़ रही...

Bihar Police Reforms: बिहार पुलिस को हाईटेक बनाने की तैयारी, स्कूल, ‘पुलिस दीदी’ और AI का ऐलान

Bihar Police Reforms: बिहार में पुलिसिंग का नया सूर्योदय हो रहा है, जहां तकनीक...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें