

Darbhanga News: सियासत की बिसात पर जब भी चुनाव की आहट होती है, जातिगत समीकरणों की गोटियां सजने लगती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा दिखा दरभंगा में, जहां ब्राह्मण काउंसिल की एक बैठक ने यूजीसी बिल से लेकर आरक्षण तक के मुद्दों पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
दरभंगा जिले के बिरौल प्रखंड स्थित भवानीपुर गांव में ब्राह्मण काउंसिल ऑफ इंडिया की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। रिंकू चौधरी के आवासीय परिसर में हुई इस बैठक की अध्यक्षता मदन झा ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज के सामने मौजूद चुनौतियों और सरकारी नीतियों पर चर्चा करना था, जिसमें कई बड़े पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए।
Darbhanga News: यूजीसी बिल और एससी/एसटी एक्ट पर उठाए सवाल
बैठक को संबोधित करते हुए काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रभाकर झा ने यूजीसी बिल पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यह बिल समाज को विभाजित करने की एक साजिश है और इसके माध्यम से सवर्ण समाज को अछूत बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में नागरिकता की मूल भावना को समाप्त कर जातिगत कानून, जातिगत न्याय और जातिगत लाभ देने की परंपरा शुरू की गई है। डॉ. झा ने आगे कहा कि एससी/एसटी एक्ट ने संविधान की मूल भावना, जिसमें न्याय का अधिकार और जीवन एवं स्वतंत्रता का अधिकार शामिल है, को खत्म कर दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने याद दिलाया कि ब्राह्मणों ने हमेशा देश और समाज के निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है, लेकिन आज वे सरकार के सौतेलेपन का शिकार हो रहे हैं।
‘योग्यता का हो रहा दमन’
प्रदेश महासचिव कैलाश कुमार चौधरी ने शिक्षा व्यवस्था और नीट परीक्षा में कथित धांधली पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि 800 अंकों की परीक्षा में -4 या -8 अंक लाने वालों को भी नीट में दाखिला मिल रहा है, जबकि योग्य और सक्षम छात्रों की योग्यता का दमन किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी देश योग्यता और टेक्नोलॉजी से आगे बढ़ता है, लेकिन सरकार देश में जातिवाद को बढ़ावा देने में लगी हुई है। इस तरह की आरक्षण नीतियों से देश का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। बैठक में हरीनगर में हुई घटना पर भी चिंता व्यक्त की गई और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई, ताकि किसी निर्दोष पर एकतरफा कार्रवाई न हो। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
जागरूकता अभियान चलाने पर जोर
बैठक में शामिल अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। बलराम कुंवर ने सामाजिक जागरूकता अभियान को तेज करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि इस तरह की बैठकें गांव-गांव में आयोजित की जानी चाहिए ताकि समाज के हर व्यक्ति तक अपनी बात पहुंचाई जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मौके पर ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार झा, रामकुमार मिश्र, धीरज झा, जिला महामंत्री सुबोध चौधरी, मनीष चौधरी, हेमकांत मिश्र और अशोक झा सहित कई अन्य लोगों ने भी सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर महेश्वर झा, ललित कुमार झा, शंकर खा, वीरचंद ठाकुर, विजय कांत झा, राघव झा, बिक्रम झा, पवन ठाकुर, शिव कुमार चौधरी, महेंद्र झा, टुनटुन चौधरी, रामगुनी चौधरी और मुरारी मिश्र समेत दर्जनों लोग उपस्थित रहे।

