

West Bengal Assembly Election: बंगाल की सियासी बिसात पर अब मोहरों की जगह फौजों की तैनाती की खबरें गूंज रही हैं। चुनावी तारीखों के ऐलान से पहले ही माहौल में ऐसी तपिश है कि सुरक्षा के इंतजाम आसमान छू रहे हैं, जिसकी कमान अब केंद्रीय बलों के हाथ में होगी।
बंगाल में चुनावी शंखनाद, West Bengal Assembly Election से पहले केंद्र का बड़ा एक्शन, 480 कंपनियां होंगी तैनात
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की भारी तैनाती की तैयारी पूरी हो चुकी है। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, 1 मार्च से ही केंद्रीय बलों की लगभग 480 कंपनियां राज्य में मोर्चा संभाल लेंगी। इन कंपनियों का मुख्य कार्य चुनाव प्रक्रिया के दौरान विश्वास बहाली के उपाय करना, संवेदनशील इलाकों में नियंत्रण स्थापित करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
West Bengal Assembly Election: सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
आगामी चुनाव के महत्व को देखते हुए चुनाव आयोग किसी भी तरह की ढील बरतने के मूड में नहीं है। केंद्रीय बलों की तैनाती का फैसला जमीनी हकीकत और कानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद लिया गया है। ये कंपनियां न केवल मतदान के दिन, बल्कि पूरी चुनावी प्रक्रिया के दौरान स्ट्रांग रूम और मतदान केंद्रों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होंगी। राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान मार्च में होने की उम्मीद है, और इससे पहले ही सुरक्षा का यह अभूतपूर्व घेरा तैयार किया जा रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में बंगाल के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर सूचित किया है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार क्षेत्र में स्थिरता कायम करने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए 480 कंपनियों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। राज्य सरकार से अपेक्षा की गई है कि वह सीआरपीएफ और मुख्य बल समन्वयक के साथ मिलकर विस्तृत तैनाती की योजना तैयार करे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
कब और कितनी कंपनियां होंगी तैनात?
तैनाती की प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 240 कंपनियों का पहला समूह 1 मार्च तक राज्य में अपनी-अपनी निर्धारित जगहों पर पहुंच जाएगा। इसके बाद, बाकी 240 कंपनियों का दूसरा समूह 10 मार्च तक अपनी जिम्मेदारी संभाल लेगा।
इन 480 कंपनियों के बेड़े में विभिन्न केंद्रीय बलों के जवान शामिल होंगे, जिनका विवरण इस प्रकार है:
- केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF): 230 कंपनियां
- सीमा सुरक्षा बल (BSF): 120 कंपनियां
- भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP): 47 कंपनियां
- सशस्त्र सीमा बल (SSB): 46 कंपनियां
- केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF): 37 कंपनियां
आमतौर पर बंगाल में विधानसभा चुनाव कई चरणों में होते रहे हैं, लेकिन इस बार चुनाव आयोग इसे कम से कम चरणों में निपटाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, कानून-व्यवस्था की चुनौती को देखते हुए इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती को पहले चरणों में ही चुनाव संपन्न कराने की योजना का एक हिस्सा माना जा रहा है।


