

Gautam Adani: बिहार की औद्योगिक जमीन पर जब विकास की बड़ी फसल लहलहाने की उम्मीद की जाती है, तो उसके लिए भरोसे और निवेश का बीज बोना पड़ता है। इसी उम्मीद को हकीकत में बदलने देश के शीर्ष उद्योगपति और अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी खुद भागलपुर के पीरपैंती पहुंचे, जहां अदाणी समूह एक विशाल बिजली परियोजना को आकार दे रहा है।
Gautam Adani ने लिया कामकाज का जायजा, किया वृक्षारोपण
अदाणी समूह के चेयरमैन का यह दौरा प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिहाज से एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। उन्होंने पीरपैंती में निर्माणाधीन थर्मल पावर प्लांट के कामकाज की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी हिस्सा लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। आपको बता दें कि यह बिहार में पिछले कई दशकों में किसी भी औद्योगिक घराने द्वारा किया गया सबसे बड़ा निवेश है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह परियोजना अदाणी समूह की बिहार के विकास में भागीदारी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पीरपैंती प्रखंड के सिरमतपुर और आसपास के गांवों की लगभग 479 हेक्टेयर भूमि पर इस विशाल पावर प्लांट का निर्माण हो रहा है। अदाणी समूह इस अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल प्लांट पर करीब 30 हजार करोड़ रुपए का भारी-भरकम निवेश कर रहा है, जिसे पांच वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल, प्रोजेक्ट साइट पर चहारदीवारी का निर्माण और भूमि को समतल करने का काम तेजी से चल रहा है।
विकास और रोजगार की नई सुबह
यह मेगा प्रोजेक्ट न केवल बिहार को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि रोजगार के अनगिनत अवसर भी पैदा करेगा। अनुमान है कि प्लांट के निर्माण के चरण में 10 से 12 हजार लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा। वहीं, एक बार प्लांट के पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाने के बाद लगभग 3000 लोगों को स्थायी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। 2400 मेगावाट उत्पादन क्षमता वाला यह संयंत्र राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस प्रोजेक्ट की लोकेशन भी रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां उत्तर में गंगा नदी है, वहीं दक्षिण में नेशनल हाईवे गुजरता है और पास में ही पीरपैंती रेलवे स्टेशन भी मौजूद है। यह लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी परियोजना के लिए वरदान साबित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि उद्योग जगत की इतनी बड़ी हस्ती का यह दौरा सिर्फ एक निरीक्षण नहीं, बल्कि बिहार में निवेश और विश्वास का एक शक्तिशाली संदेश है, जो आने वाले समय में राज्य की औद्योगिक तस्वीर को नई दिशा देगा।


