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फ़रवरी, 23, 2026
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बिहार मिड-डे मील: सरकारी स्कूलों में अब गुणवत्ता की गारंटी, ADRI करेगा खाने की जांच

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Bihar Mid-Day Meal: तपती धूप में नन्हे पेटों को पोषण की आस, अब सरकारी थालियों में स्वाद के साथ सेहत भी परोसी जाएगी। बिहार सरकार ने बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है।

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बिहार मिड-डे मील: सरकारी स्कूलों में अब गुणवत्ता की गारंटी, ADRI करेगा खाने की जांच

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बिहार मिड-डे मील: गुणवत्ता सुनिश्चित करने की नई पहल

बिहार के सरकारी स्कूलों में लाखों बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। इन सवालों पर विराम लगाने और बच्चों को पौष्टिक तथा स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। शिक्षा विभाग के मिड-डे मील निदेशालय ने एशियन डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट (ADRI) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य राज्यभर के स्कूलों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, उसके प्रबंधन और रसोई व्यवस्था की गहन जांच सुनिश्चित करना है।

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यह पहल सीधे तौर पर उन बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी है, जो हर दिन स्कूल में मिलने वाले भोजन पर निर्भर रहते हैं। गुणवत्ता में सुधार से न केवल बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि उनकी शिक्षा पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस साझेदारी के तहत, एडीआरआई विभिन्न मानकों पर मिड-डे मील की जांच करेगा, जिसमें भोजन बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता से लेकर स्वच्छता और वितरण तक शामिल है।

समझौते का उद्देश्य और प्रभाव

एडीआरआई के विशेषज्ञ दल अब बिहार के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की व्यवस्था का ऑडिट करेंगे। इस ऑडिट में यह देखा जाएगा कि क्या बच्चों को निर्धारित पोषण मान के अनुसार भोजन मिल रहा है या नहीं। रसोईघरों की साफ-सफाई, खाना बनाने वाले कर्मचारियों का प्रशिक्षण और भोजन के भंडारण की व्यवस्था भी जांच के दायरे में होगी। शिक्षा विभाग चाहता है कि इस पहल से न केवल भोजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो, बल्कि मिड-डे मील कार्यक्रम का संचालन और अधिक पारदर्शी तथा जवाबदेह बने। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

इस कदम से राज्य के लाखों स्कूली बच्चों को बेहतर भोजन मिलने की उम्मीद है। यदि किसी स्कूल या केंद्रीय रसोई की रेटिंग खराब पाई जाती है, तो उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
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राज्य सरकार का यह प्रयास एक स्वस्थ और शिक्षित बिहार की नींव रखने में सहायक होगा।

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