

Darbhanga DM: जैसे एक कुशल माली अपने बगीचे की हर क्यारी को करीने से सजाता है, ठीक उसी तरह दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार ने समाहरणालय की कार्य-संस्कृति और व्यवस्था को दुरुस्त करने का बीड़ा उठाया है। उनके औचक निरीक्षण ने विभागों में हलचल मचा दी और यह स्पष्ट संदेश दिया कि अब काम में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Darbhanga DM के औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप
दरभंगा: जिलाधिकारी कौशल कुमार ने आज समाहरणालय परिसर में स्थित विभिन्न शाखाओं और कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया, जिससे पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कार्यालयों में एक मजबूत कार्य-संस्कृति विकसित करना, साफ-सफाई सुनिश्चित करना और एक व्यवस्थित माहौल बनाना था। जिलाधिकारी ने सभी शाखा प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि हर कार्यालय में एक “वर्क एरिया” तय किया जाए और उसे सुसज्जित रखा जाए, ताकि कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता आए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

विधि शाखा के निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने वहां पड़ी पुरानी और अनुपयोगी सामग्रियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित शाखा प्रभारी को तत्काल प्रभाव से इन सामग्रियों को हटाने का निर्देश दिया। इसी तरह, नजारत शाखा में अभिलेखों के बेहतर संधारण के लिए रैक को सुव्यवस्थित ढंग से रखने को कहा गया। यह कदम दिखाता है कि जिलाधिकारी छोटी-से-छोटी अव्यवस्था को भी गंभीरता से ले रहे हैं।
साफ-सफाई से लेकर वर्क कल्चर तक, दिए गए कड़े निर्देश
जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी सरकारी कार्यालय का माहौल उसके कामकाज को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। उन्होंने विकास शाखा को उप विकास आयुक्त परिसर में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया ताकि कार्यों का समन्वय बेहतर हो सके। स्थापना शाखा में, एक वरीय उप समाहर्ता द्वारा अभिलेख रखने हेतु पैनल बनाने के अनुरोध पर, जिलाधिकारी ने भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। आपूर्ति शाखा की जर्जर छत की मरम्मत के लिए भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि अब केवल फाइलों को निपटाना ही काफी नहीं होगा, बल्कि कार्यालयों का रखरखाव और कार्यशैली भी उच्च स्तर की होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को चेताया कि भविष्य में इस तरह के निरीक्षण जारी रहेंगे।
बदलेगी समाहरणालय की सूरत, बनेगा मॉडल हॉल
निरीक्षण के दौरान कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए जो समाहरणालय की पूरी तस्वीर बदल सकते हैं। जिलाधिकारी ने मौजूदा आईटी कोषांग की जगह एक अत्याधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष स्थापित करने का निर्देश दिया। साथ ही, आईटी कोषांग को सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के पास स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण विभाग को एनआईसी के वर्तमान क्षेत्र का एक विस्तृत प्लान तैयार करने का निर्देश दिया ताकि इसे आईटी सेल और एनआईसी कार्यालय के लिए बेहतर तरीके से विकसित किया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अलावा, समाहरणालय स्थित वेटिंग हॉल को एक “मॉडल हॉल” के रूप में विकसित करने के लिए भी प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
इन प्रमुख कार्यालयों का भी हुआ निरीक्षण
जिलाधिकारी का यह निरीक्षण सिर्फ कुछ शाखाओं तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने लगभग सभी प्रमुख कार्यालयों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
- भू-अर्जन कार्यालय
- आपदा शाखा
- राजस्व शाखा
- नीलाम पत्र शाखा
- जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय
- निर्वाचन शाखा
- आईसीडीएस कार्यालय
- सामाजिक सुरक्षा कार्यालय
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के अवसर पर जिलाधिकारी के साथ वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी, सहायक समाहर्ता के. परीक्षित, उप विकास आयुक्त स्वप्निल, और अपर समाहर्ता (आपदा) सलीम अख्तर सहित कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और सहायक उपस्थित थे, जो इस अभियान की गंभीरता को दर्शाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


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