

Rajasthan Politics: इंसानियत की चादर पर सियासी दाग, एक ऐसा वाकया जिसने मानवता को ही ठिठुरा दिया है।
राजस्थान पॉलिटिक्स: टोंक में बीजेपी नेता ने मुस्लिम महिलाओं से छीने कंबल, VIDEO वायरल होते ही गरमाई सियासत
Rajasthan Politics: राजस्थान के टोंक जिले में एक पूर्व भाजपा सांसद द्वारा कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम महिलाओं से कंबल छीनने का आरोप लगा है। यह घटना मानवीय मूल्यों को शर्मसार करती है और इसने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। पूर्व सांसद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुखबीर सिंह जौनापुरिया पर आरोप है कि उन्होंने कुछ मुस्लिम महिलाओं को पहचानकर उनसे न केवल कंबल वापस छीन लिए, बल्कि उन्हें कार्यक्रम स्थल से बाहर भी कर दिया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है, जिसने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
राजस्थान पॉलिटिक्स में भूचाल: क्या हुआ कंबल वितरण कार्यक्रम में?
वायरल वीडियो में, जौनापुरिया अपने इस कृत्य का बचाव करते हुए साफ तौर पर यह कहते हुए सुने जा सकते हैं कि जो लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द कहेंगे, उन्हें कंबल नहीं मिलेगा। क्लिप में, नेता महिलाओं के एक समूह को कंबल देते हुए और उनमें से एक महिला से उसका नाम पूछते हुए दिखाई देते हैं। जब महिला अपना मुस्लिम नाम बताती है, तो जौनापुरिया तुरंत अपने साथियों को उसे कंबल न देने का निर्देश देते हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग पीएम मोदी को गाली देते हैं, उन्हें कंबल पाने का कोई हक नहीं है। अगर किसी को चोट लगती है तो मैं कुछ नहीं कर सकता।” इसके बाद भाजपा नेता महिलाओं को वहां से चले जाने के लिए कहते हैं और पहले बांटे गए कंबल भी वापस ले लेते हैं।
जब कुछ ग्रामीणों ने इस भेदभावपूर्ण रवैये का विरोध किया, तो जौनापुरिया अपनी बात पर अड़े रहे। उन्होंने दृढ़ता से कहा, “मैं जिसे चाहता हूं, उसे देता हूं।” वीडियो में आगे कई लोग इन मुस्लिम महिलाओं को कंबल देने से इनकार करने पर भाजपा नेता से बहस करते दिखते हैं। वे बताते हैं कि महिलाओं ने खाली हाथ भेजे जाने से पहले घंटों इंतजार किया था। सिंह ने बहस न करने की बात कही और फिर मौके से चले गए। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को साझा करते हुए जौनापुरिया पर मुस्लिम महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, “भाजपा के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया टोंक में कंबल बांट रहे थे। फिर, उन्होंने एक गरीब मुस्लिम महिला का अपमान किया और उससे कंबल वापस ले लिया। असल में, यह छोटी और घटिया सोच वाला आदमी ही दिल और सोच से असली गरीब है। लोगों ने विरोध करके सही किया, उन्हें कंबल सीधे उसके मुंह पर मारना चाहिए था।” यह पूरा कंबल वितरण विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
भाजपा नेता का अपने कदम पर अडिग रहना
जौनापुरिया ने बाद में कंबल बांटने के अभियान से मुस्लिम महिलाओं को बाहर रखने के अपने फैसले का बचाव किया और कहा कि उनका यह कदम बिल्कुल सही था। उन्होंने तर्क दिया, “एक खास धर्म के लोग मोदी के खिलाफ हैं और उनके बारे में बेबुनियाद टिप्पणी करते रहते हैं। यह भी सच नहीं है कि सभी हिंदू भाजपा का समर्थन करते हैं। लेकिन क्या कभी किसी खास धर्म के लोग मोदी की रैली में आएंगे?” उन्होंने दावा किया कि वह अपने कम्युनिटी किचन से भोजन बांटते समय या स्कूलों में छात्रों को अध्ययन सामग्री देते समय किसी तरह का भेदभाव नहीं करते हैं, लेकिन इस विशेष मामले में उनका कार्य उचित था। यह घटना अब न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बहस का मुद्दा बन गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

