

Kennedy News: अनुराग कश्यप की डार्क और इंटेंस दुनिया में एक बार फिर खो जाने को तैयार हो जाइए। उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म Kennedy आखिरकार ZEE5 पर आ चुकी है, और आते ही इसने दर्शकों के बीच हलचल मचा दी है।
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Kennedy: अनुराग कश्यप की इस मास्टरपीस में राहुल भट्ट का खूंखार अंदाज, जानें कैसी है फिल्म!
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अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी डार्क और इंटेंस थ्रिलर फिल्म Kennedy अब ZEE5 पर स्ट्रीम हो रही है। यह फिल्म एक ऐसे रहस्यमयी शख्स की कहानी है जो शहर में लगातार खतरनाक और चौंकाने वाले तरीकों से कत्ल कर रहा है। कम बोलने वाला, बेहद संदिग्ध यह आदमी जिस ठंडे अंदाज में वारदातों को अंजाम देता है, वह किसी को भी असहज कर सकता है। तीन साल पहले बनी इस फिल्म ने कई फिल्म फेस्टिवल्स में खूब तारीफें और अवार्ड्स बटोरे थे, लेकिन थिएटर की बजाय इसे सीधे OTT Release मिली।
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Kennedy: ओटीटी पर सीधे क्यों आई ये फिल्म?
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फिल्म की कहानी कई सवाल खड़े करती है। यह शख्स किसके लिए काम कर रहा है? “बड़े पापा” कौन हैं? और उसकी बैकस्टोरी क्या है? फिल्म इन सभी सवालों के जवाब देती है, लेकिन अपने ही धीमी गति से। यह एक ‘स्लो-बर्न थ्रिलर’ है, जो बहुत धीरे-धीरे आगे बढ़ती है। शुरुआत के 20-25 मिनट में ही कहानी खिंचती हुई महसूस होती है। असली खुलासे आखिरी 40-45 मिनट में आते हैं, लेकिन तब तक कई दर्शकों का धैर्य जवाब दे सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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कुछ लोग इसे मास्टरपीस कहेंगे, लेकिन हकीकत यह है कि फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी लंबाई है। अगर इसे डेढ़ या पौने दो घंटे में समेट दिया जाता, तो इसका प्रभाव कहीं ज्यादा मजबूत हो सकता था। शुरुआत का लंबा खिंचाव कई दर्शकों को बीच में ही फिल्म बंद करने पर मजबूर कर सकता है।
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अभिनय का जलवा: राहुल भट्ट और सनी लियोनी ने लूटी महफ़िल
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हालांकि, फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसमें कलाकारों का शानदार अभिनय है। राहुल भट्ट ने शायद अपने करियर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन दिया है। उनकी इंटेंसिटी, बॉडी लैंग्वेज और किरदार में पूरी तरह डूब जाने की शिद्दत काबिले-तारीफ है। सनी लियोनी का रोल सीमित है, लेकिन उनकी मौजूदगी कहानी में एक अलग परत जोड़ती है।
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- राहुल भट्ट: अपने करियर का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन, इंटेंसिटी और बॉडी लैंग्वेज के लिए तारीफ के काबिल।
- सनी लियोनी: सीमित रोल के बावजूद कहानी में एक अलग और दिलचस्प पहलू जोड़ती हैं।
- मोहित टकलकर: अपने किरदार में पूरी तरह खरे उतरे।
- अभिलाषा थापलियाल: शानदार काम कर दर्शकों का दिल जीता।
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कुल मिलाकर, Kennedy एक decent फिल्म है जिसमें दमदार परफॉरमेंस देखने को मिलती है, लेकिन इसकी असमान गति (uneven pacing) के कारण इसकी अपील सीमित हो जाती है। अनुराग कश्यप के सिनेमा के प्रशंसक इसे जरूर पसंद करेंगे, लेकिन यह फिल्म हर किसी के लिए नहीं है। मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






