

ITR Refund: जब आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने के बाद लोग अपने रिफंड का बेसब्री से इंतजार करते हैं, तब अचानक एक संदेश आकर आपकी रातों की नींद उड़ा सकता है – “आपका रिफंड रुका हुआ है, तुरंत कार्रवाई करें!” यह घबराहट ही साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार बन चुकी है, जो मासूम करदाताओं को अपनी ठगी का शिकार बनाने के लिए ऐसे ही फर्जी संदेशों का जाल बिछा रहे हैं। पिछले कुछ समय से रिफंड में देरी को लेकर देशभर में चर्चा जारी है और कई करदाताओं ने अपनी शिकायतें भी ऑनलाइन दर्ज कराई हैं, जिसका फायदा उठाकर ये ठग बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं।
इनकम टैक्स ITR Refund धोखाधड़ी: सावधान! फर्जी संदेशों से बचने के तरीके और पूरी जानकारी
ITR Refund में देरी और ठगी का नया ट्रेंड
आयकर विभाग और सरकार ने स्पष्ट किया है कि ITR Refund तभी जारी किया जाता है जब सभी डेटा का पूरी तरह से सत्यापन और मिलान हो जाता है। यदि किसी प्रकार की विसंगति या डेटा में अंतर पाया जाता है, तो इस प्रक्रिया में समय लग सकता है। अधिकारियों के अनुसार, अधिकतर मामलों में रिफंड कुछ हफ्तों के भीतर प्रोसेस हो जाता है, लेकिन कुछ जटिल मामलों में अतिरिक्त जांच की आवश्यकता पड़ती है। यही अनिश्चितता इन धोखेबाजों को फर्जीवाड़ा करने का सुनहरा मौका देती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
साइबर अपराधी इन दिनों फर्जी SMS, ई-मेल और फोन कॉल के जरिए लोगों को यह दावा करते हुए गुमराह कर रहे हैं कि उनका रिफंड लंबित है। इन संदेशों में अक्सर एक संदिग्ध लिंक दिया जाता है और चेतावनी दी जाती है कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो जुर्माना लग सकता है। हाल ही में एक चौंकाने वाले मामले में, एक करदाता ने ऐसे ही एक फर्जी लिंक पर क्लिक कर अपनी निजी जानकारी साझा कर दी, जिसके परिणामस्वरूप उसे लगभग 1.5 लाख रुपये का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। यह दिखाता है कि साइबर ठगी कितनी खतरनाक हो सकती है।
इस गंभीर घटना के बाद, आयकर विभाग ने एक ताजा अलर्ट जारी कर जनता को आगाह किया है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा करें। विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि वे कभी भी SMS या ईमेल के जरिए ऐसी संवेदनशील जानकारी नहीं मांगते हैं।
साइबर धोखाधड़ी से बचने के सुरक्षित उपाय
यहां कुछ महत्वपूर्ण बातें दी गई हैं, जिन्हें अपनाकर आप खुद को इन साइबर हमलों से बचा सकते हैं:
- केवल आयकर विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ही लॉग इन करें।
- किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर कभी भी क्लिक न करें, भले ही वह कितना भी आधिकारिक क्यों न लगे।
- अपने रिफंड का स्टेटस केवल और केवल आधिकारिक आयकर वेबसाइट पर ही जांचें।
- किसी भी मैसेज या कॉल से घबराकर तुरंत कोई भी फैसला न लें।
- संदिग्ध मैसेज या कॉल की तुरंत आयकर विभाग को रिपोर्ट करें।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। याद रखें, आयकर विभाग कभी भी SMS या ई-मेल के जरिए आपकी गोपनीय जानकारी या बैंक डिटेल्स नहीं मांगता। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
यह सुनिश्चित करना आपकी जिम्मेदारी है कि आप केवल विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें और अपने व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


