

Kerala Data Breach: डिजिटल युग में जहां हर क्लिक, हर स्वाइप पर गोपनीयता का सवाल उठता है, केरल से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने राज्य के प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा लाखों सरकारी कर्मचारियों और नागरिकों की निजी जानकारी तक पहुंच ने डेटा सुरक्षा पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
Kerala Data Breach: हाईकोर्ट ने CMO से मांगा जवाब
केरल उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को कड़ी चेतावनी दी है और तत्काल जवाब मांगा है कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने लगभग पांच लाख सरकारी कर्मचारियों, न्यायिक अधिकारियों और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों की निजी संपर्क जानकारी कैसे प्राप्त की। यह न्यायिक हस्तक्षेप एक याचिका के बाद हुआ, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने मई 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान के तहत मुख्यमंत्री की तस्वीर वाले और 10% डीए बढ़ोतरी जैसी उपलब्धियों को उजागर करने वाले अवांछित, व्यक्तिगत व्हाट्सएप संदेश भेजने के लिए गोपनीयता कानूनों का उल्लंघन किया। कोर्ट ने इस पहुंच में “गोपनीयता की स्पष्ट कमी” देखी, विशेषकर SPARK (सर्विस एंड पेरोल एडमिनिस्ट्रेटिव रिपॉजिटरी फॉर केरल) पोर्टल से डेटा के संदिग्ध अनधिकृत हस्तांतरण की जांच की, जो वेतन और प्रशासनिक कार्यों के लिए बनाया गया एक डेटाबेस है, जिसे केरल राज्य आईटी मिशन के माध्यम से सीएमओ को भेजा गया था। राजनीतिक प्रचार के लिए प्रशासनिक डेटा का यह निजी जानकारी का दुरुपयोग गंभीर चिंता का विषय है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
डेटा सुरक्षा और नागरिकों का अधिकार
आज की सुनवाई में कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक प्रचार के लिए प्रशासनिक डेटा का उपयोग करना संविधान के अनुच्छेद 21 और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट, 2023 के तहत गोपनीयता के अधिकार का गंभीर उल्लंघन हो सकता है। इसके बाद, कोर्ट ने सरकार को इस डेटा प्रोसेसिंग के पीछे की कानूनी अथॉरिटी को स्पष्ट करने और डेटा के स्रोत के कानूनी रूप से सत्यापित होने तक ऐसे संदेशों को आगे फैलाने से रोकने का निर्देश दिया। कोर्ट ने सीएमओ कार्यालय को भी संदेश फैलाना जल्द से जल्द रोकने का निर्देश दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सोमवार को, केरल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सरकारी कर्मचारियों और जनता को चुनावी प्रोपेगेंडा भेजने के लिए आधिकारिक SPARK डेटाबेस का गलत इस्तेमाल किया, इसे “भरोसे और व्यक्तिगत गोपनीयता का बहुत बड़ा उल्लंघन” बताया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। यह पूरा प्रकरण निजी जानकारी के दुरुपयोग और डेटा सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


