

Lalita Pawar News: बॉलीवुड की दुनिया जितनी चकाचौंध से भरी दिखती है, उतनी ही अंदर से कई सितारों की दर्दभरी कहानियों से भी लबरेज है। ऐसी ही एक कहानी है उस अदाकारा की, जिसे पर्दे पर देख दर्शक अक्सर डर जाते थे, लेकिन असल जिंदगी में उसका बचपन और जवानी दोनों ही संघर्षों और पीड़ा से भरी रही।
ललिता पवार: बॉलीवुड की सबसे खूंखार सास की दर्दनाक जीवन गाथा
Lalita Pawar News: बॉलीवुड में खलनायिका का किरदार निभाना कोई आसान बात नहीं है, खासकर जब आप दशकों तक सिर्फ एक ही तरह की भूमिका के लिए जाने जाएं। ललिता पवार एक ऐसा ही नाम है, जिन्होंने अपनी दमदार अदाकारी से दर्शकों के दिलों में खौफ पैदा कर दिया। पर्दे पर भले ही उन्होंने अत्याचारी सास या क्रूर महिला के किरदार निभाए हों, लेकिन उनकी निजी जीवन गाथा किसी फिल्मी कहानी से कम दुखद नहीं थी।
उनके बचपन से लेकर उनकी मौत तक का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। एक ऐसी अदाकारा जिसने बॉलीवुड में खलनायिकाओं के लिए एक नया पैमाना स्थापित किया, उनकी अपनी ज़िंदगी में ही इतने दर्द छुपे थे, जिसके बारे में जानकर शायद आप भी हैरान रह जाएंगे। आपको बता दें कि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ललिता पवार: एक हादसा जिसने बदल दी जिंदगी की दिशा
ललिता पवार के जीवन का एक सबसे बड़ा मोड़ एक दुर्घटना थी, जिसने उनके चेहरे को हमेशा के लिए बदल दिया। शूटिंग के दौरान हुए इस हादसे में उनकी एक आंख बुरी तरह घायल हो गई, जिसके बाद उन्हें अपनी खूबसूरती को हमेशा के लिए खोना पड़ा। इसी के बाद उनके करियर की दिशा भी बदल गई और उन्होंने मुख्य नायिका के बजाय चरित्र और खलनायिका के किरदार निभाने शुरू कर दिए।
उन्होंने रामायण में मंथरा का किरदार हो या श्री 420 में नारद मुनि का किरदार, हर भूमिका में जान फूंक दी। लेकिन जिस किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई, वह था खूंखार सास का। उन्होंने कई फिल्मों में इतनी क्रूर सास का रोल प्ले किया कि दर्शक असल जिंदगी में भी उनसे खौफ खाने लगे थे।
उनकी संवाद अदायगी और चेहरे के हाव-भाव उन्हें अन्य अभिनेत्रियों से अलग बनाते थे। उनका हर किरदार इतना प्रभावी होता था कि वह लंबे समय तक दर्शकों के जेहन में बसा रहता था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
दर्दनाक अंत: कैंसर से हुआ निधन
लंबे समय तक भारतीय सिनेमा पर राज करने वाली ललिता पवार का अंत भी उतना ही दर्दनाक था, जितनी उनकी ज़िंदगी की शुरुआत। उन्हें कैंसर जैसी गंभीर बीमारी ने घेर लिया था। इस बीमारी से जूझते हुए उन्होंने अपनी अंतिम सांसें लीं। हालांकि, उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपनी कला के प्रति समर्पित रहीं।
आज भी जब बॉलीवुड की सबसे मजबूत महिला किरदारों और खलनायिकाओं की बात होती है, तो ललिता पवार का नाम सबसे ऊपर आता है। उनकी जीवन गाथा संघर्ष, धैर्य और अटूट कला प्रेम का प्रतीक है। मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
भले ही वह आज हमारे बीच न हों, लेकिन उनकी फिल्में और उनके किरदार हमेशा अमर रहेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




