

Darbhanga Railway Station: मिथिला की धरती पर विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है, जहां रेलवे की पटरियां सिर्फ शहरों को नहीं, बल्कि सपनों को भी जोड़ रही हैं। इसी कड़ी में दरभंगा स्टेशन के कायाकल्प और क्षेत्र में औद्योगिक विकास को लेकर एक बड़ी पहल हुई है। स्थानीय सांसद ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से मुलाकात कर 340 करोड़ की लागत से चल रहे निर्माण कार्यों में तेजी लाने और कई नई ट्रेनों के परिचालन का आग्रह किया है।
Darbhanga Railway Station के निर्माण में आएगी तेजी
दिल्ली स्थित रेल भवन में सोमवार देर शाम दरभंगा के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन श्री सतीश कुमार से भेंट की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य अमृत भारत योजना के तहत लगभग 340 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे विश्व स्तरीय दरभंगा स्टेशन के निर्माण कार्य में तेजी लाना था। सांसद ने बताया कि चेयरमैन ने संबंधित अभियंताओं को काम में तेजी लाने और हर हाल में गुणवत्ता तथा पारदर्शिता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सांसद ने इस बात पर जोर दिया कि दरभंगा जंक्शन समस्तीपुर मंडल में सबसे अधिक राजस्व देने वाला स्टेशन है, इसलिए इसका समय पर पूरा होना अत्यंत आवश्यक है।
यह बैठक भारतीय रेल (Indian Railways) द्वारा देश भर में किए जा रहे आधुनिकीकरण के प्रयासों का एक हिस्सा है। मिथिला क्षेत्र में रेलवे कनेक्टिविटी का जो जाल बिछाया जा रहा है, वह आजादी के बाद इस इलाके के लिए एक नया इतिहास रच रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस परियोजना से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी सहायक सिद्ध होगा।
नई ट्रेनों के परिचालन और औद्योगिक विकास पर जोर
सांसद डॉ. ठाकुर ने चेयरमैन के समक्ष दरभंगा से लंबी दूरी की कई नई ट्रेनें शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा, ताकि यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। इन प्रस्तावों में कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल थीं। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन के लिए दरभंगा को एक मजबूत माध्यम बनाया जा सकता है, जिसके लिए रेलवे की भूमिका अहम होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बैठक में जिन प्रमुख ट्रेनों और मांगों पर चर्चा हुई, वे इस प्रकार हैं:
- दरभंगा से गुवाहाटी के लिए सरायगढ़ और कटिहार होते हुए एक नई सुपरफास्ट ट्रेन।
- जयनगर, लौकहा, रक्सौल, हरिनगर रेलखंड पर चलने वाली सभी पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन लहेरियासराय स्टेशन से शुरू करना।
- दरभंगा से मुंबई के लिए एक दैनिक सुपरफास्ट ट्रेन का परिचालन।
- दरभंगा होकर गुजरने वाली सभी डेमू ट्रेनों को मेमू रैक में बदलना।
- दरभंगा से रांची के लिए वंदे भारत ट्रेन का परिचालन शुरू करना।
- आगामी कुंभ मेले को देखते हुए देहरादून-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस का दरभंगा तक विस्तार।
- दरभंगा से कोटा के लिए एक नई ट्रेन का परिचालन।
सांसद ने विश्वास जताया कि इन सुझावों पर की गई पहल आने वाले समय में मिथिला क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगी। इस बैठक के बाद उम्मीद है कि दरभंगा स्टेशन का निर्माण कार्य जल्द ही पूरा होगा और क्षेत्र के लोगों को नई ट्रेनों की सौगात भी मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह कदम Indian Railways की विकास योजनाओं को और गति प्रदान करेगा।



