

मोबाइल फोन बैन इन स्कूल्स: कर्नाटक के स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने को लेकर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। यह कदम बच्चों की पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव डालने और उनकी एकाग्रता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
कर्नाटक के स्कूलों में मोबाइल फोन बैन इन स्कूल्स: छात्रों के भविष्य के लिए अहम फैसला
राज्य के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्पष्ट किया है कि सरकार इस मामले पर गंभीरता से चर्चा कर रही है। उनका मानना है कि दुनिया के कई देशों ने पहले ही स्कूलों में मोबाइल पर रोक लगा दी है और वहां इसके बेहद सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए, कर्नाटक सरकार भी छात्रों के शैक्षणिक विकास को प्राथमिकता दे रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मोबाइल फोन बैन इन स्कूल्स: क्यों जरूरी है यह प्रतिबंध?
उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि स्कूलों में मोबाइल फोन के अनुचित उपयोग की कई शिकायतें सामने आ रही हैं। हालांकि, उन्होंने इन गलत तरीकों को सार्वजनिक रूप से विस्तार से बताने से परहेज किया, लेकिन यह पुष्टि की कि इस मुद्दे पर आंतरिक स्तर पर गहन विचार-विमर्श चल रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि यह केवल राज्य का मसला नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विद्यालयों में मोबाइल के प्रयोग को लेकर गंभीर बहस छिड़ी हुई है।
कई राष्ट्रों ने पढ़ाई पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव को देखते हुए मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाया है। कर्नाटक सरकार भी ऐसे सभी वैश्विक पहलुओं और अनुभवों को ध्यान में रखते हुए ही कोई ठोस निर्णय लेना चाहती है। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य छात्रों के स्टूडेंट वेल-बीइंग और उनकी पढ़ाई के माहौल को बेहतर बनाना है।
छात्रों पर मोबाइल के उपयोग का असर और सरकार का रुख
राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने भी इस विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मोबाइल फोन देने से उनकी पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है। बच्चे अब पढ़ाई से अधिक समय अपने मोबाइल पर व्यतीत करने लगे हैं, जिससे उनकी एकाग्रता भंग हो रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस विषय पर कई देशों में व्यापक शोध किए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप वहां मोबाइल पर प्रतिबंध लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने भी इस संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा की है। सरकार इस कदम के संभावित लाभ और हानियों दोनों का गहन विश्लेषण करने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लेगी। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें: लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें
कुल मिलाकर, कर्नाटक सरकार स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर गंभीर है। अभिभावकों की बढ़ती चिंताएं, बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव और अन्य देशों के सफल उदाहरणों को देखते हुए, सरकार जल्द ही एक महत्वपूर्ण फैसला ले सकती है। हालांकि, किसी भी अंतिम घोषणा से पहले सभी संबंधित पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आने वाले समय में इस मुद्दे पर राज्य सरकार की ओर से एक स्पष्ट नीति की घोषणा की जा सकती है।



