

Patna University Student Election: पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव इस बार केवल मुद्दों पर नहीं, बल्कि डिजिटल अखाड़े में चल रहे हमलों को लेकर सुर्खियां बटोर रहा है। यह ऐसा रण है जहां छात्र नेता कलम से ज्यादा कीबोर्ड और सोशल मीडिया पोस्ट से एक-दूसरे पर वार कर रहे हैं।
Patna University Student Election: डिजिटल जंग में फंसा पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026, ABVP उम्मीदवार ने की साइबर शिकायत
Patna University Student Election: एबीवीपी प्रत्याशी अनुष्का की साइबर शिकायत
पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026 में अध्यक्ष पद की उम्मीदवार और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की अनुष्का ने साइबर थाने में एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार डिजिटल दुष्प्रचार किया जा रहा है और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की जा रही है। यह सिर्फ एक उम्मीदवार की बात नहीं, बल्कि पूरे चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले एक नए ट्रेंड की ओर इशारा करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अनुष्का के अनुसार, उनकी निजी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है और उन्हें तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंच रहा है। यह हरकत साइबर बुलिंग की श्रेणी में आती है और इसका सीधा उद्देश्य उनकी उम्मीदवारी को कमजोर करना है। ऐसे में चुनाव आयोग और विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है कि कैसे इस तरह के डिजिटल हमलों को रोका जाए और एक निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किया जाए।
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चुनाव की सरगर्मियां तेज होने के साथ ही, प्रत्याशियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, इस बार का चुनाव पारंपरिक प्रचार से हटकर डिजिटल माध्यमों पर केंद्रित हो गया है, जहां उम्मीदवार अपनी बात रखने के साथ-साथ विरोधियों पर हमला करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं।
साइबर हमलों से निपटने की चुनौती
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस तरह के हमले न केवल व्यक्तिगत उम्मीदवारों की प्रतिष्ठा को धूमिल करते हैं, बल्कि चुनावी माहौल को भी दूषित करते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों की पहचान कर उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। छात्रों के बीच एक स्वस्थ और स्वच्छ चुनावी वातावरण बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। यह घटना दर्शाती है कि छात्र संघ चुनावों में भी अब तकनीकी पहलुओं और साइबर सुरक्षा पर ध्यान देना कितना महत्वपूर्ण हो गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
हालांकि, यह देखना बाकी है कि इस शिकायत के बाद साइबर पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन क्या कदम उठाते हैं और क्या वे इस डिजिटल युद्ध को रोककर चुनाव को फिर से मुद्दों की बहस पर ला पाते हैं। यह चुनाव आने वाले समय में छात्र संघ चुनावों के लिए एक नजीर बन सकता है कि कैसे डिजिटल स्पेस का इस्तेमाल किया जाता है और कैसे उससे निपटा जाता है।



