

Gandhi Talks: संगीत की दुनिया में जब दो दिग्गज एक साथ आते हैं, तो जादू होना तय है। ‘सचिन: द बिलियन ड्रीम्स’ का वो देशभक्ति गाना ‘हिंद मेरे जिंद’ किसे याद नहीं, जिसने हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की लौ जगा दी थी। अब वही जोड़ी, सिंगर अभय जोधपुरकर और संगीत सम्राट ए. आर. रहमान, एक बार फिर बड़े पर्दे पर धमाल मचाने को तैयार हैं। उनकी आगामी फिल्म ‘गांधी टॉक्स’ के लिए उन्होंने एक और मधुर गीत तैयार किया है, जिसकी चर्चा अभी से शुरू हो चुकी है।
Gandhi Talks: ए. आर. रहमान और अभय जोधपुरकर की जोड़ी फिर करेगी कमाल, ‘गांधी टॉक्स’ का संगीत मचाएगा धूम!
Gandhi Talks: रहमान के साथ काम करना, अभय के लिए एक लाइफटाइम एक्सपीरियंस
सिंगर अभय जोधपुरकर ने हाल ही में ए. आर. रहमान के साथ काम करने के अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया, “रहमान सर के साथ काम करना हमेशा एक अविस्मरणीय और जिंदगी भर का अनुभव होता है। हर बार जब मैं उनके लिए गायन करता हूं, तो मुझे अपनी आवाज में एक नया आयाम और नई संभावनाएँ मिलती हैं।” अभय ने यह भी बताया कि 2013 में मणिरत्नम सर की फिल्म ‘कदल’ में तमिल डेब्यू के साथ रहमान सर ने ही उन्हें लॉन्च किया था। तब से लेकर अब तक, उन्होंने अभय को अपने प्लेबैक करियर में कई शानदार गाने दिए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
‘गांधी टॉक्स’ के लिए बने इस नए गाने की कहानी भी काफी दिलचस्प है। अभय ने बताया कि 2022 की शुरुआत में उन्हें ‘गांधी टॉक्स’ के बैकग्राउंड स्कोर के लिए मुंबई स्टूडियो बुलाया गया था। उन्होंने कहा, “हम पूरी रात जैमिंग कर रहे थे और स्क्रैच रिकॉर्ड कर रहे थे, तभी यह लोरी गाना बनी।” अभय ने एक मजेदार बात का भी खुलासा किया, “उस दिन मेरे गले में थोड़ी खराश थी लेकिन उस थोड़ी सी खराश ने ही इस गाने के टेक्सचर को और भी खास बना दिया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ऐसा इसलिए क्योंकि फिल्म में यह रेडियो पर बजता हुआ दिखाया गया है।” उनके लिए एक मूक, कथा-प्रधान फिल्म पर काम करना एक बिल्कुल नया और रोमांचक अनुभव था।
मूक फिल्म में संगीत की भूमिका और निर्देशक का विज़न
अभय ने निर्देशक किशोर बेलेकर के साथ काम करने के अनुभव को भी ‘अलग’ बताया। “मैंने पहले कभी किसी मूक फिल्म पर काम नहीं किया था। चूंकि इस फिल्म में संगीत ही कहानी को आगे बढ़ाता है, इसलिए जिम्मेदारी और ज्यादा महसूस होती है,” उन्होंने साझा किया। हालांकि, अभय को निर्देशक के साथ काम करने में कोई दिक्कत नहीं हुई। उन्होंने कहा, “किशोर सर का विजन इतना स्पष्ट था कि सब कुछ आसानी से होता चला गया। मुझे खुद को पूरी तरह से अभिव्यक्त करने की आजादी मिली। यह मेरे करियर के सबसे बेहतरीन अनुभवों में से एक है।” मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



