

Patna University Student Union Election: चुनावी रणभेरी बज चुकी है, और पटना विश्वविद्यालय का परिसर एक बार फिर सियासी अखाड़ा बन गया है, जहां छात्र नेताओं के दांव-पेंच और रणनीति का दौर चरम पर है। अध्यक्ष पद के लिए इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प और बहुचर्चित होता दिख रहा है।
Patna University Student Union Election: अध्यक्ष पद पर जनशक्ति जनता दल का बड़ा दांव, रिंकल यादव घोषित उम्मीदवार
Patna University Student Union Election: अध्यक्ष पद की जंग हुई दिलचस्प
पटना विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही कैंपस की राजनीति गरमा गई है। हर छात्र संगठन अपनी बिसात बिछाने में जुटा है और अध्यक्ष पद को लेकर घमासान अपने चरम पर है। इस बार का चुनाव न केवल दिलचस्प होने वाला है, बल्कि छात्र संगठनों के भविष्य की दिशा भी तय करेगा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि छात्र राजनीति बिहार में एक नया अध्याय लिख रही है। जनशक्ति जनता दल छात्र संघ ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए रिंकल यादव को आधिकारिक रूप से अपना अध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस घोषणा ने मुकाबले को और भी अधिक रोमांचक बना दिया है।
रिंकल यादव की उम्मीदवारी को लेकर जनशक्ति जनता दल छात्र संघ में खासा उत्साह है। संगठन का मानना है कि रिंकल यादव छात्रों के बीच लोकप्रिय हैं और उनकी जीत सुनिश्चित है। उन्होंने छात्र हितों के लिए लगातार संघर्ष किया है और उनकी छवि एक जुझारू छात्र नेता की रही है। कैंपस में उनकी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद से ही सियासी समीकरण बदलने शुरू हो गए हैं। अन्य छात्र संगठनों के बीच भी हलचल तेज हो गई है और वे अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने को मजबूर हैं।
जनशक्ति जनता दल का रणनीतिक फैसला
जनशक्ति जनता दल छात्र संघ के इस फैसले को एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। संगठन ने अध्यक्ष पद के लिए ऐसे चेहरे को मैदान में उतारा है, जो छात्रों के हर वर्ग में अपनी पैठ रखता है। इस कदम से न केवल जनशक्ति जनता दल छात्र संघ की स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि पूरे चुनाव का परिदृश्य भी बदल गया है। विश्लेषकों का मानना है कि इस बार अध्यक्ष पद का चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक होगा, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। छात्रों में नई ऊर्जा और नए चेहरों का उदय देखने को मिल रहा है।
संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने रिंकल यादव के नाम की घोषणा करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वह छात्रों के भरोसे पर खरे उतरेंगे और विश्वविद्यालय के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब विभिन्न छात्र संगठन अपनी आंतरिक रणनीतियों को अंतिम रूप देने में लगे थे। रिंकल यादव के समर्थक अब पूरी ताकत से प्रचार में जुट गए हैं और कैंपस में चुनावी माहौल चरम पर है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
यह देखना दिलचस्प होगा कि अन्य छात्र संगठन इस नई चुनौती का सामना कैसे करते हैं। आने वाले दिनों में पटना विश्वविद्यालय का कैंपस और भी अधिक चुनावी सरगर्मी से लबरेज रहेगा, और यह एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


