back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 25, 2026
spot_img

India UN Vote: रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत का बड़ा फैसला: संयुक्त राष्ट्र में ‘India UN Vote’ से बनाई दूरी, जानें क्यों?

spot_img
- Advertisement - Advertisement

India UN Vote: विश्व पटल पर जब भी कोई बड़ा भू-राजनीतिक भूचाल आता है, भारत की नीति एक शांत, स्थिर ध्रुव तारे की तरह चमकती है। रूस-यूक्रेन संघर्ष के चार वर्ष पूरे होने पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक बार फिर भारत का यही कूटनीतिक कौशल देखने को मिला।

- Advertisement -

संयुक्त राष्ट्र में ‘India UN Vote’: भारत के रुख का गहरा विश्लेषण

रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण संघर्ष को चार साल पूरे हो चुके हैं। इस गंभीर स्थिति के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में एक महत्वपूर्ण मसौदा प्रस्ताव रखा गया, जिसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन में तत्काल और बिना किसी शर्त के युद्धविराम लागू करना और स्थायी शांति की दिशा में कदम बढ़ाना था। लेकिन, भारत ने एक बार फिर अपनी स्थापित तटस्थता और स्वतंत्र विदेश नीति का परिचय देते हुए इस महत्वपूर्ण मतदान से खुद को दूर रखा।

- Advertisement -

यूक्रेन की ओर से प्रस्तुत किए गए इस प्रस्ताव पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की राय स्पष्ट रूप से विभाजित दिखी। महासभा में हुए मतदान के नतीजे बताते हैं कि दुनिया के देश इस संघर्ष को लेकर अलग-अलग ध्रुवों पर खड़े हैं:

- Advertisement -
  • प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने वाले देश: 107
  • प्रस्ताव के विरोध में मतदान करने वाले देश: 12
  • मतदान से अनुपस्थित रहने वाले देश: 51 (जिसमें भारत भी शामिल है)
यह भी पढ़ें:  कर्नाटक Hate Speech: विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल पर 'नफरती भाषण' का मामला दर्ज

यह आंकड़े वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों और विभिन्न देशों की अपनी-अपनी प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं।

इस प्रस्ताव पर मतदान से दूरी बनाने वाले कुल 51 सदस्य राष्ट्रों में भारत का नाम प्रमुखता से शामिल था। प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक व्यापक, न्यायसंगत और स्थायी शांति स्थापित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया गया था।

प्रस्ताव में युद्धबंदियों के त्वरित और पूर्ण आदान-प्रदान के साथ-साथ, गैरकानूनी रूप से हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों की तत्काल रिहाई की मांग की गई थी। इसके अतिरिक्त, जबरन स्थानांतरित या निर्वासित किए गए सभी बंदियों और नागरिकों, जिनमें मासूम बच्चे भी शामिल हैं, उनकी सकुशल वापसी सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रस्ताव में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर, यूक्रेन की संप्रभुता, स्वतंत्रता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया गया था।

भारत की कूटनीति: संतुलन और संवाद का पथ

भारत ने इस संघर्ष के प्रारंभिक चरण से ही अपनी स्थिति बिल्कुल स्पष्ट कर दी थी कि युद्ध के मैदान में सैन्य कार्रवाई से किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता। दिल्ली का दृढ़ विश्वास है कि कूटनीति और रचनात्मक शांति वार्ता के माध्यम से ही वास्तविक शांति की राह खुल सकती है। इस महत्वपूर्ण मतदान से अनुपस्थित रहकर, भारत ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि वह किसी भी एक पक्ष का समर्थन करने के बजाय, एक स्वतंत्र और निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभाना चाहता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें:  PM Modi Israel Visit: पीएम मोदी की इजरायल यात्रा पर सियासी संग्राम, प्रियंका गांधी ने उठाई गाजा पर आवाज़!

भारत की यह नीति वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती साख और एक जिम्मेदार राष्ट्र के रूप में उसकी भूमिका को मजबूत करती है। यह दिखाता है कि भारत विवादों को सुलझाने के लिए हमेशा बातचीत और आम सहमति पर जोर देता है। भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत की मेज पर आने का लगातार आह्वान करता रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दृष्टिकोण से भारत ने कई जटिल अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

यह भी पढ़ें:  Delhi Racial Abuse: पूर्वोत्तर की महिलाओं से नस्लीय दुर्व्यवहार, आरोपी महिला गिरफ्तार, जांच ACP को सौंपी गई

यह कदम अंतरराष्ट्रीय संबंधों में जटिल संतुलन साधने की भारत की क्षमता को भी दर्शाता है। जबकि कुछ देश सीधे तौर पर एक पक्ष का समर्थन करते दिख रहे हैं, भारत ने एक अलग रास्ता चुना है, जिसका लक्ष्य दीर्घकालिक स्थिरता और शांति वार्ता को बढ़ावा देना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

OTT Release: फरवरी में ओटीटी पर छा गईं ये तेलुगू फिल्में और वेब सीरीज, मिस मत करना!

OTT Release: दक्षिण भारतीय सिनेमा के दीवानों के लिए बड़ी खबर! अगर आप फरवरी...

2026 में आ रही है नई Toyota Fortuner और 7-सीटर Hyryder: Creta और Hector को मिलेगी कड़ी टक्कर

Toyota Fortuner: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में टोयोटा हमेशा से ही भरोसे और दमदार परफॉर्मेंस...

India Foreign Policy: मोदी की वैश्विक चाल, योगी का औद्योगिक दांव—नए भारत की नई दिशा

देशज टाइम्स विशेष: India Foreign Policy: अंतरराष्ट्रीय संबंधों की बिसात पर भारत एक नई...

करोड़ों का फंड बनाने का आसान तरीका: Mutual Fund SIP में जानें कैसे करें निवेश

Mutual Fund SIP: आज के दौर में जहां हर कोई अपने भविष्य को आर्थिक...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें