

Falgun Purnima 2026: सनातन धर्म में फाल्गुन पूर्णिमा का विशेष महत्व है। यह पवित्र दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित है, जब भक्तगण स्नान, दान और उपासना के माध्यम से मोक्ष तथा सौभाग्य की प्राप्ति करते हैं। इस वर्ष, यह पावन तिथि 3 मार्च 2026 को पड़ रही है, जो कई दुर्लभ शुभ योग के साथ एक अद्भुत अवसर लेकर आ रही है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है और दान-पुण्य से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।
फाल्गुन पूर्णिमा 2026: दुर्लभ संयोगों में स्नान-दान और होलिका दहन का महात्म्य
Falgun Purnima 2026: ब्रह्म मुहूर्त और शुभ योग का अलौकिक संगम
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा पर बन रहा शुभ योग आध्यात्मिक उन्नति के द्वार खोलेगा। यह दिन नकारात्मक ऊर्जाओं का शमन कर सकारात्मकता का संचार करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
**फाल्गुन पूर्णिमा 2026 महत्वपूर्ण तिथियां और मुहूर्त**
| विवरण | तिथि / जानकारी |
| :————– | :————————- |
| फाल्गुन पूर्णिमा | 3 मार्च 2026 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 50 मिनट का विशेष संयोग |
| स्नान-दान | प्रातः काल |
| होलिका दहन | प्रदोष काल में, तिथि अनुसार |
**पूर्णिमा के पावन अवसर पर पूजा विधि:**
* प्रातः काल उठकर पवित्र नदी या घर पर ही गंगाजल मिश्रित जल से स्नान करें।
* सूर्य देव को अर्घ्य दें और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
* भगवान सत्यनारायण की कथा का श्रवण या पाठ करें।
* ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें।
* चंद्रमा को अर्घ्य दें और भगवान शिव-पार्वती की पूजा करें।
फाल्गुन पूर्णिमा का संबंध होलिका दहन से भी है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन होलिका दहन की तैयारियां की जाती हैं, और अगले दिन रंगोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु ने भक्त प्रह्लाद की रक्षा कर हिरण्यकश्यप का वध किया था, और इसी खुशी में होलिका दहन किया जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस पूर्णिमा पर चंद्र देव भी अपने पूर्ण स्वरूप में होते हैं, जिनकी पूजा से मानसिक शांति और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः।
फाल्गुन पूर्णिमा का यह पावन पर्व हमें धर्म, सत्य और सद्कर्मों की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। इस दिन किए गए स्नान, दान और पूजा-पाठ से व्यक्ति को समस्त लौकिक और पारलौकिक सुखों की प्राप्ति होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। चंद्रमा की पूर्ण कला का दर्शन कर उससे निकलने वाली सकारात्मक ऊर्जा को ग्रहण करना स्वास्थ्य और मन के लिए अत्यंत लाभकारी होता है।
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