

Bihar Budget Session: विधानसभा की चौखट पर उम्मीदों का सैलाब लिए जनता की आवाजें गूंज उठीं, जब 17वें दिन सदन का माहौल तपिश भरा रहा।
बिहार बजट सत्र: 17वें दिन सदन में गूंजी जनता की आवाज़, गरमाया सियासी पारा**
बिहार बजट सत्र: प्रश्नकाल में उठे जनता के मुद्दे
बिहार विधानसभा के बजट सत्र 2026 का 17वां दिन आज यानी 25 फरवरी 2026 को कई महत्वपूर्ण मुद्दों, प्रश्नकाल और सवाल-जवाब के साथ शुरू हुआ। सुबह ठीक 11 बजे सदन की कार्यवाही प्रारंभ हुई, जिसका पहला चरण प्रश्नकाल को समर्पित था। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सड़क और रोजगार जैसे अहम विषय शामिल थे। संबंधित मंत्रियों को विधायकों के सवालों के जवाब देने पड़े और कई बार तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विधायकों ने अपनी बात रखते हुए सरकार से जनहित में तत्काल कार्रवाई की मांग की। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे अधिक प्रमुखता से उठाए गए, जो सीधे तौर पर आम जनता के जीवन को प्रभावित करते हैं। इन मुद्दों पर सरकार की तरफ से आश्वासन भी दिए गए, हालांकि विपक्ष पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आया और आगे भी इन विषयों पर बहस जारी रखने का संकेत दिया। यह बिहार की राजनीति का एक अहम हिस्सा है, जहां जन प्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार की जवाबदेही तय की जाती है।
विधानसभा में गरमाई बहस, विपक्ष ने घेरा
प्रश्नकाल के बाद सदन में कई अहम विधेयकों पर चर्चा हुई और कुछ पर सहमति भी बनी। विपक्ष ने सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल दागे, खासकर वित्तीय प्रबंधन और विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन को लेकर। उनका आरोप था कि सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है। इसके जवाब में सत्ता पक्ष ने अपनी उपलब्धियां गिनाईं और विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस दौरान सदन का माहौल कई बार काफी गरमा गया, जिससे कार्यवाही को कुछ देर के लिए स्थगित भी करना पड़ा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सत्र का यह दिन यह दर्शाता है कि विधानसभा सिर्फ नियम-कानून बनाने की जगह नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को उठाने और सरकार को जवाबदेह बनाने का एक महत्वपूर्ण मंच भी है। अगले दिनों में भी बजट पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है, जिसमें राज्य के विकास की रूपरेखा तय होगी।


