back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 25, 2026
spot_img

Rahul Gandhi: राहुल गांधी के ‘समझौतावादी’ रवैये पर पीयूष गोयल का तीखा प्रहार: भारत की छवि को किया धूमिल!

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Rahul Gandhi: कभी-कभी चुनावी रण में केवल शब्दों के तीर ही नहीं, बल्कि विरासत की गूँज भी सुनाई देती है। भारत की छवि पर दाग लगाने के आरोपों के बीच सियासी गलियारों में एक नई बहस छिड़ गई है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय युवा कांग्रेस के एआई शिखर सम्मेलन में किए गए विरोध प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगाए गए आरोपों को वैश्विक मंच पर भारत की छवि धूमिल करने का प्रयास बताया गया है।

- Advertisement -

राहुल गांधी के ‘समझौतावादी’ रवैये पर पीयूष गोयल का तीखा प्रहार: भारत की छवि को किया धूमिल!

राहुल गांधी और ‘समझौतावादी कांग्रेस’ की विरासत

गोयल ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कई पोस्ट लिखते हुए #समझौतावादीकांग्रेस हैशटैग का इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुँचाने वाली अपनी पारिवारिक विरासत को जारी रख रहे हैं। उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकारों के दौरान लिए गए कई फैसलों का हवाला दिया। इनमें जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल के दौरान संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सीट के कथित प्रस्ताव पर भारत का रुख, राजीव गांधी के कार्यकाल में हुए बोफोर्स घोटाला और इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान हुआ कच्चातीवू समझौता शामिल हैं। इन घटनाओं को उन्होंने कांग्रेस की “समझौतावादी” नीति का प्रमाण बताया।

- Advertisement -

केंद्रीय मंत्री गोयल ने अपने ‘एक्स’ पोस्ट में सीधे राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “जब राहुल गांधी बिना शर्ट पहने पुरुषों को एआई शिखर सम्मेलन में भेजकर भारत को वैश्विक मंच पर अपमानित करने की कोशिश कर रहे हैं, तो यह भारत की छवि और हितों से समझौता करने की उनकी पारिवारिक विरासत का ही विस्तार है।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह बयान उस विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में था, जहाँ युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारे लगाए थे।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  India Foreign Policy: मोदी की वैश्विक चाल, योगी का औद्योगिक दांव—नए भारत की नई दिशा

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी 2024 में राहुल गांधी की अमेरिका यात्रा की कड़ी आलोचना की। जोशी ने कहा कि इस यात्रा को भले ही ‘लोकतंत्र पर चर्चा’ के रूप में प्रस्तुत किया गया हो, लेकिन इसमें इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (IAMC) से जुड़े कार्यकर्ताओं और जॉर्ज सोरोस द्वारा वित्त पोषित नेटवर्कों से कथित तौर पर जुड़े व्यक्तियों के साथ हुई मुलाकातों ने गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कतर ने कथित तौर पर इनमें से कुछ मुलाकातों में सहायक भूमिका निभाई थी, जिससे उनके इरादों पर सवाल उठे।

जोशी ने इस बात पर जोर दिया कि “जब विदेशों में होने वाली मुलाकातों से संवाद और संदिग्ध नेटवर्किंग के बीच की रेखा धुंधली होने लगती है, तो नागरिकों का स्पष्टता की मांग करना जायज़ है।” उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हितों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद ज़रूरी है, और इसमें कोई समझौता नहीं किया जा सकता। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

विदेशी दौरों पर उठे सवाल और पारदर्शिता की मांग

प्रल्हाद जोशी ने अपने ‘एक्स’ पोस्ट में विस्तार से लिखा, “अब 2024 की बात करें, तो राहुल गांधी की अमेरिका यात्रा को ‘लोकतंत्र’ पर बातचीत के तौर पर पेश किया गया, लेकिन असलियत कुछ और ही बयां करती है। इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल से जुड़े कार्यकर्ताओं और सोरोस द्वारा वित्तपोषित नेटवर्कों से जुड़े व्यक्तियों के साथ हुई मुलाकातें, जिनमें कतर की भूमिका कथित तौर पर मध्यस्थ की रही, इरादों और तालमेल पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने आगे कहा, “जब विदेशों में होने वाली मुलाकातों से संवाद और संदिग्ध नेटवर्किंग के बीच की रेखा धुंधली हो जाती है, तो नागरिकों का यह सवाल पूछना जायज़ है: क्या यह कूटनीतिक संपर्क है या कुछ और भी चिंताजनक? राष्ट्रीय हितों की बात आने पर पारदर्शिता और जवाबदेही चुनिंदा नहीं हो सकती।”

पिछले सप्ताह की घटना का जिक्र करते हुए, भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘शर्टलेस’ विरोध प्रदर्शन किया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने एआई इम्पैक्ट समिट की आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री पर “समझौते” का आरोप लगाया। विरोध प्रदर्शन के दौरान, पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपनी असहमति जताने के लिए अपनी शर्ट उतार दी थीं। एक बयान में, भारतीय युवा कांग्रेस ने कहा था कि उसके कार्यकर्ता “एक ऐसे समझौतावादी प्रधानमंत्री के खिलाफ विरोध कर रहे हैं, जिन्होंने एआई समिट में देश की पहचान का सौदा किया है।” बाद में दिल्ली पुलिस ने इन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया था।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

OTT Release: फरवरी में ओटीटी पर छा गईं ये तेलुगू फिल्में और वेब सीरीज, मिस मत करना!

OTT Release: दक्षिण भारतीय सिनेमा के दीवानों के लिए बड़ी खबर! अगर आप फरवरी...

2026 में आ रही है नई Toyota Fortuner और 7-सीटर Hyryder: Creta और Hector को मिलेगी कड़ी टक्कर

Toyota Fortuner: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में टोयोटा हमेशा से ही भरोसे और दमदार परफॉर्मेंस...

India Foreign Policy: मोदी की वैश्विक चाल, योगी का औद्योगिक दांव—नए भारत की नई दिशा

देशज टाइम्स विशेष: India Foreign Policy: अंतरराष्ट्रीय संबंधों की बिसात पर भारत एक नई...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें