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फ़रवरी, 25, 2026
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Madhubani News: मधुबनी की आधी आबादी को मिला विश्वास… National Commission for Women की सदस्य ममता कुमारी ने सुनी महिलाओं की पीड़ा, बोलीं- त्वरित न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता

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National Commission for Women: जब व्यवस्था की चौखट पर उम्मीदें दम तोड़ने लगती हैं, तो सीधी सुनवाई ही एकमात्र रास्ता बचती है। डीआरडीए सभागार में कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला, जहां महिलाओं की दबी हुई आवाज़ को एक मज़बूत मंच प्रदान किया गया और उनकी समस्याओं के तत्काल निवारण का संकल्प लिया गया।

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National Commission for Women की पहल: हर शिकायत पर होगी कार्रवाई

महिला जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत डीआरडीए सभागार में एक सशक्त पहल देखने को मिली, जहां राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी ने सीधे महिलाओं से संवाद किया। इस जनसुनवाई का माहौल अत्यंत संवेदनशील रहा, जहां विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने अपनी पीड़ा और शिकायतें बिना किसी झिझक के आयोग की सदस्य के समक्ष रखीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना था, जो लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष कर रही थीं।

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सुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, संपत्ति से जुड़े मामले और अन्य सामाजिक उत्पीड़न से संबंधित कई गंभीर शिकायतें दर्ज की गईं। ममता कुमारी ने प्रत्येक परिवादी की समस्या को न केवल गंभीरता से सुना, बल्कि संबंधित अधिकारियों को त्वरित और न्यायोचित कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश भी दिए। यह जनसुनवाई सही मायनों में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां महिलाओं को यह विश्वास दिलाया गया कि उनके अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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संवेदनशील सुनवाई और त्वरित समाधान का आश्वासन

श्रीमती ममता कुमारी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि महिलाओं को न्याय, सम्मान और सुरक्षा प्रदान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “किसी भी महिला को असहाय महसूस करने की आवश्यकता नहीं है। आयोग हर कदम पर उनके साथ खड़ा है और यह सुनिश्चित करेगा कि हर शिकायत का समाधान समय पर हो।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के कार्यक्रम महिलाओं में जागरूकता लाते हैं और उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ने की हिम्मत देते हैं।

जनसुनवाई में उपस्थित महिलाओं के चेहरों पर एक नई उम्मीद की झलक दिखी, क्योंकि उन्हें यह आश्वासन मिला कि उनकी आवाज़ अब अनसुनी नहीं रहेगी। यह कार्यक्रम सिर्फ एक सुनवाई तक सीमित नहीं था, बल्कि यह महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण और समाज में उनकी गरिमापूर्ण स्थिति सुनिश्चित करने की एक मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक भी था। कार्यक्रम के अंत में, सभी शिकायतों को सूचीबद्ध कर उनके शीघ्र समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जो आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, एक सराहनीय कदम है।

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