

Ranji Trophy: रणजी ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने सभी क्रिकेट प्रेमियों को हिला कर रख दिया। मैदान पर खिलाड़ियों का गुस्सा कई बार बेकाबू हो जाता है, और ऐसा ही कुछ जम्मू कश्मीर और कर्नाटक के बीच चल रहे इस हाई-वोल्टेज मैच में देखने को मिला।
रणजी ट्रॉफी फाइनल में भड़का गुस्सा: पारस डोगरा ने कर्नाटक के फील्डर को मारा हेलमेट!
जम्मू कश्मीर और कर्नाटक के बीच रणजी ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला एक रोमांचक मोड़ पर था, लेकिन खेल भावना को ताक पर रखते हुए एक अप्रत्याशित घटना घट गई। जम्मू कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने कर्नाटक के फील्डर केवी अनीश पर अपना आपा खो दिया और गुस्से में आकर उन्हें हेलमेट से सिर पर मार दिया। इस घटना ने पूरे क्रिकेट जगत को हैरत में डाल दिया। यह सब तब हुआ जब डोगरा लगातार हो रही स्लेजिंग से परेशान हो गए और अपना नियंत्रण खो बैठे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मैदान पर हुए इस बड़े विवाद ने मैच का माहौल पूरी तरह से बदल दिया।
रणजी ट्रॉफी: मैदान पर आखिर क्यों भड़के पारस डोगरा?
यह घटना मैच के एक अहम पल में हुई, जब कर्नाटक के खिलाड़ी लगातार पारस डोगरा को चिढ़ा रहे थे। स्लेजिंग की वजह से बढ़े तनाव के बीच, डोगरा का धैर्य टूट गया और उन्होंने केवी अनीश पर शारीरिक हमला कर दिया। इस गंभीर झड़प को शांत करने के लिए दोनों टीमों के अनुभवी खिलाड़ी मयंक अग्रवाल और केएल राहुल को बीच-बचाव करना पड़ा। इस मामले पर क्रिकेट बोर्ड सख्त कार्रवाई कर सकता है, क्योंकि मैदान पर ऐसी हिंसक प्रतिक्रिया बर्दाश्त नहीं की जाती है।
मैदान पर तनाव और उसका प्रभाव
यह घटना न केवल खिलाड़ियों के लिए बल्कि दर्शकों के लिए भी चिंता का विषय बन गई। क्रिकेट को अक्सर ‘जेंटलमैन गेम’ कहा जाता है, लेकिन ऐसे विवाद खेल की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। मैदान पर खिलाड़ियों के बीच जुबानी जंग आम है, लेकिन यह घटना शारीरिक हिंसा में बदल गई, जो अस्वीकार्य है। खेल जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें। इस मामले के बाद, उम्मीद है कि अंपायरों और मैच रेफरी द्वारा उचित कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस तरह के अप्रिय घटनाक्रम से खेल का उत्साह कम होता है और खिलाड़ियों के बीच प्रतिद्वंद्विता नकारात्मक रूप ले लेती है।
विवाद के बाद की स्थिति
- घटना के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों में तनाव साफ देखा गया।
- मयंक अग्रवाल और केएल राहुल ने शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- मैच रेफरी की रिपोर्ट का इंतजार है, जिस पर डोगरा के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
- क्रिकेट प्रशंसकों में इस घटना को लेकर काफी नाराजगी है।
- यह घटना रणजी ट्रॉफी के इतिहास में एक अप्रिय अध्याय बन गई है।
यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि मैदान पर खिलाड़ी अपने इमोशंस को नियंत्रित रखें और खेल की भावना का सम्मान करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


