

Sakri Sugar Mill: सकरी की उम्मीदों को जल्द ही पंख लगने वाले हैं। दशकों से बंद पड़ी चीनी मिल के फिर से शुरू होने की आहट अब तेज हो गई है, जिससे इलाके के किसानों के चेहरों पर एक नई चमक दिखाई दे रही है। मधुबनी जिले के सकरी में प्रस्तावित सहकारी चीनी मिल को फिर से धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है।
Sakri Sugar Mill की बदलेगी तकदीर! दिल्ली से दौड़ी आई विशेषज्ञों की टीम, किसानों से बात कर तैयार होगा पूरा खाका
Sakri Sugar Mill की जमीन का हुआ निरीक्षण
मधुबनी जिले के सकरी में प्रस्तावित सहकारी चीनी मिल की स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बुधवार, 25 फरवरी 2026 को, नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड, नई दिल्ली से आए विशेषज्ञों के एक दल ने प्रस्तावित चीनी मिल स्थल का गहन निरीक्षण किया। इस दल में मुख्य गन्ना सलाहकार डॉ. आर. बी. डोले और तकनीकी सलाहकार के. एम. चौधरी शामिल थे।
इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मिल के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट (संभाव्यता प्रतिवेदन) और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करना है। टीम ने कई महत्वपूर्ण तकनीकी और भौगोलिक पहलुओं का जायजा लिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि परियोजना हर मानक पर खरी उतरे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विशेषज्ञों ने इन प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया:
- भूमि की मौजूदा स्थिति और मिट्टी की गुणवत्ता
- मिल तक पहुंचने के लिए सड़कों की उपलब्धता (संपर्क पथ)
- पानी की पर्याप्त उपलब्धता
- विद्युत व्यवस्था और सप्लाई की स्थिति
- आसपास के क्षेत्रों में गन्ना उत्पादन की क्षमता
- खेतों से मिल तक गन्ना लाने के लिए परिवहन की सुविधा
किसानों से सीधा संवाद, जानी जमीनी हकीकत
स्थलीय निरीक्षण पूरा करने के बाद विशेषज्ञ दल ने स्थानीय गन्ना किसानों के साथ एक चौपाल लगाकर सीधा संवाद स्थापित किया। इस बैठक में किसानों ने खुलकर अपनी बात रखी। इस दौरान स्थानीय गन्ना किसान ने गन्ना उत्पादन और उसकी बिक्री में आने वाली समस्याओं, फसल का उचित मूल्य न मिलने, और परिवहन की दिक्कतों पर अपनी चिंताएं जाहिर कीं। उन्होंने इस बात पर भी खुशी जताई कि चीनी मिल की स्थापना से उन्हें कितना लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों ने किसानों को यह भरोसा दिलाया कि प्रस्तावित सहकारी चीनी मिल शुरू होने से न केवल उन्हें गन्ने का सही और समय पर मूल्य मिलेगा, बल्कि यह परियोजना आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा करेगी। इससे क्षेत्र में आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा और कृषि पर आधारित दूसरे उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
निरीक्षण और किसानों के साथ संवाद के दौरान जिला सहकारिता पदाधिकारी और जिला ईख (गन्ना) पदाधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने जिले में गन्ना उत्पादन की वर्तमान स्थिति, भविष्य की संभावनाओं और सहकारी चीनी मिल की आवश्यकता से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े और जानकारियां विशेषज्ञ दल को उपलब्ध कराईं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इलाके के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
प्रस्तावित सहकारी चीनी मिल की स्थापना को मधुबनी जिले, खासकर सकरी और आसपास के इलाकों के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। यह परियोजना कृषि, उद्योग और सहकारिता के बीच एक मजबूत तालमेल स्थापित करेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को एक नई और तेज गति मिलने की पूरी उम्मीद है। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था को एक नई जान मिलेगी।

