

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को एक उतार-चढ़ाव भरा सत्र देखा, जहां आईटी शेयरों की शुरुआती मजबूती ने उत्साह जगाया, लेकिन दिन ढलते-ढलते हैवीवेट शेयरों में मुनाफावसूली हावी हो गई, जिससे बढ़त सीमित रही। यह बाजार की मौजूदा अस्थिरता और निवेशकों के सतर्क रुख को दर्शाता है, खासकर जब वैश्विक संकेत मिले-जुले हों।
Stock Market: आईटी शेयरों की चमक फीकी पड़ी, सेंसेक्स-निफ्टी में मामूली बढ़त
आज के Stock Market का हाल: क्यों थम गई तेजी?
बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 50.15 अंक यानी 0.06 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 82,276.07 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसने एक समय 731.99 अंक तक उछलकर 82,957.91 का स्तर छू लिया था, जो शुरुआती तेजी का संकेत था। हालांकि, यह उछाल कायम नहीं रह सका। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी तरह, एनएसई का व्यापक सूचकांक Nifty 50 भी 57.85 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,482.50 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Technologies), टाटा स्टील (Tata Steel), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services), इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation), सन फार्मास्युटिकल (Sun Pharmaceutical), महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra), मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) और टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) के शेयरों में शानदार बढ़त दर्ज की गई। इसके विपरीत, रिलायंस इंडस्ट्री्स (Reliance Industries), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India), अडानी पोर्ट्स (Adani Ports) और इटरनल (Eternal) के शेयरों में गिरावट देखी गई, जिसने बाजार की बढ़त को सीमित करने में भूमिका निभाई।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और अमेरिकी टेक शेयरों में उछाल के दम पर भारतीय बाजार ने मजबूत शुरुआत की थी। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और वैश्विक व्यापार संबंधी चिंताओं के कारण बाजार की बढ़त पर ब्रेक लग गया। एशिया के प्रमुख बाजारों जैसे कोस्पी (Kospi), शंघाई कंपोजिट (Shanghai Composite), निक्केई 225 (Nikkei 225) और हैंग सेंग इंडेक्स (Hang Seng Index) में तेजी देखी गई, जबकि यूरोपीय बाजार भी सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे।
वैश्विक संकेत और एफआईआई-डीआईआई की भूमिका
मंगलवार को अमेरिकी बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिसने वैश्विक स्तर पर निवेशकों के आत्मविश्वास को बढ़ावा दिया। हालांकि, भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 102.53 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 3,161.22 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया। यह घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और विश्वास को दर्शाता है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) में मामूली गिरावट दर्ज की गई, यह 0.14 प्रतिशत गिरकर 70.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो एक राहत भरा संकेत है। पिछले दिन, मंगलवार को सेंसेक्स 1,068.74 अंक टूटकर 82,225.92 और निफ्टी 288.35 अंक गिरकर 25,424.65 पर बंद हुआ था, जिसके बाद आज की मामूली बढ़त ने कुछ स्थिरता प्रदान की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कुल मिलाकर, भारतीय शेयर बाजार एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है, जहां वैश्विक घटनाक्रम और घरेलू आर्थिक आंकड़े इसकी आगे की दिशा तय करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



