

Muzaffarpur Station: मानसून की बारिश अब मुजफ्फरपुर स्टेशन के लिए अभिशाप नहीं बनेगी और पटरियों पर नाव चलाने की नौबत नहीं आएगी। दशकों पुरानी जलभराव की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए रेलवे ने माइक्रो-टनलिंग का ब्रह्मास्त्र चलाने की तैयारी कर ली है। समस्तीपुर मंडल रेल प्रबंधन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की पूरी रूपरेखा तैयार करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की, ताकि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल ने मुजफ्फरपुर स्टेशन यार्ड में होने वाले जलजमाव के स्थायी समाधान के लिए कमर कस ली है। इसके लिए माइक्रो-टनलिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे यार्ड में जमा होने वाला बारिश का पानी सीधे बड़े नाले में चला जाएगा। पहले इस परियोजना की निगरानी सोनपुर मंडल द्वारा की जाती थी, लेकिन अब इसकी पूरी जिम्मेदारी समस्तीपुर मंडल को सौंप दी गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस बदलाव से परियोजना के काम में तेजी आने की उम्मीद है।
Muzaffarpur Station पर जलजमाव खत्म करने को लेकर उच्चस्तरीय बैठक
इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर 25 फरवरी 2026 को समस्तीपुर मंडल कार्यालय में मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में पूर्व मध्य रेल मुख्यालय से प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री शैलेश वर्मा और रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) पटना के मुख्य परियोजना प्रबंधक श्री आलोक कुमार झा भी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य परियोजना को तकनीकी रूप से फूलप्रूफ बनाना था।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इस कार्य में देश के जाने-माने आर्किटेक्ट्स और प्रतिष्ठित निर्माण एजेंसियों से भी तकनीकी मार्गदर्शन लिया जाएगा। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि माइक्रो-टनलिंग का काम आधुनिक मानकों के अनुसार हो और इसमें किसी भी तरह की कोई कमी न रह जाए। रेलवे इस परियोजना को लेकर कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहता, इसीलिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
आधुनिक तकनीक से सुरक्षित रहेंगी केबलें, बनेगी नई ड्रेनेज योजना
बैठक के दौरान सबसे बड़ी चिंता रेलवे की सिग्नलिंग और अन्य जरूरी केबलों की सुरक्षा को लेकर थी। यह तय किया गया कि माइक्रो-टनलिंग का काम इन केबलों के नीचे से अत्यंत सावधानी से किया जाएगा, ताकि रेलवे परिचालन पर कोई असर न पड़े। RLDA के अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे मुजफ्फरपुर नगर निगम की वर्तमान ड्रेनेज योजना का अध्ययन करें और उसके साथ तालमेल बिठाते हुए एक नई एकीकृत ड्रेनेज योजना तैयार करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे शहर और रेलवे, दोनों की जल निकासी व्यवस्था बेहतर और प्रभावी हो सकेगी।
अधिकारियों ने बताया कि इस अत्याधुनिक तकनीक के लागू होने से मुजफ्फरपुर स्टेशन पर मानसून के दौरान होने वाली जलजमाव की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। इससे न केवल ट्रेनों का परिचालन सुगम होगा, बल्कि यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह परियोजना मुजफ्फरपुर स्टेशन के बुनियादी ढांचे में एक मील का पत्थर साबित होगी।
परियोजना की विस्तृत और अंतिम योजना मार्च 2026 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से काम शुरू कर दिया जाएगा। समस्तीपुर मंडल इस परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है ताकि मुजफ्फरपुर स्टेशन को एक आधुनिक और सुविधा संपन्न स्टेशन बनाया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





