

Darbhanga News: न्याय के मंदिर में जब न्यायाधीश ही वकीलों के कल्याण का बीड़ा उठा लें, तो इसे सोने पर सुहागा ही कहेंगे। दरभंगा जिला न्याय मंडल में कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है, जहां एक न्यायाधीश की अनूठी पहल ने वकीलों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है।
Darbhanga News: दरभंगा जिला न्याय मंडल के उत्पाद अधिनियम के विशेष न्यायाधीश रविशंकर कुमार ने एक ऐसी अभिनव पहल शुरू की है, जिसकी चर्चा पूरे न्यायिक गलियारे में हो रही है। उन्होंने बार एसोसिएशन के कल्याण के लिए एक ऐसा रास्ता निकाला है, जिससे एसोसिएशन को आर्थिक रूप से मजबूती मिल रही है। इस कदम की सराहना वकील समुदाय द्वारा जोर-शोर से की जा रही है।
Darbhanga News की इस पहल से बार एसोसिएशन को मिली आर्थिक मजबूती
उत्पाद अधिनियम के विशेष एपीपी हेमंत कुमार ने इस पहल की जानकारी देते हुए बताया कि न्यायिक व्यवस्था में बार और बेंच एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों का मजबूत होना अनिवार्य है। इसी सिद्धांत को चरितार्थ करते हुए विशेष न्यायाधीश रविशंकर कुमार की अदालत ने पिछले एक पखवाड़े के भीतर एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। विभिन्न जमानत याचिकाओं की सुनवाई और उन पर दिए गए आदेशों के माध्यम से मंगलवार तक लगभग एक लाख तीस हजार रुपये की राशि सीधे बार एसोसिएशन के खाते में जमा कराई गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह राशि वकीलों के कल्याण कार्यों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस पहल का सकारात्मक परिणाम अब दिखने लगा है। इस कदम ने न्यायपालिका और वकीलों के बीच के रिश्ते को और भी प्रगाढ़ किया है। इससे न केवल बार एसोसिएशन को आर्थिक संबल मिला है, बल्कि न्यायमंडल की अन्य अदालतों ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है, जो एक स्वागत योग्य संकेत है।
अदालत के फैसले से 2200 वकीलों में खुशी की लहर
न्यायालय के इस अनूठे और वकील-हितैषी कदम से दरभंगा बार एसोसिएशन से जुड़े लगभग दो हजार दो सौ वकीलों के बीच खुशी का माहौल है। लंबे समय से बार एसोसिएशन के कल्याण के लिए इस तरह की ठोस पहल की प्रतीक्षा की जा रही थी। इस एक कदम से वकीलों को यह महसूस हो रहा है कि न्याय का मंदिर उनके कल्याण के प्रति भी संवेदनशील है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। महासचिव कृष्ण कुमार मिश्रा ने न्यायाधीशों की इस पहल पर बार एसोसिएशन की ओर से सभी न्यायिक पदाधिकारियों का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि यह फैसला मील का पत्थर साबित होगा और इससे वकीलों के कल्याण से जुड़ी कई योजनाओं को धरातल पर उतारने में मदद मिलेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
यह पहल सिर्फ आर्थिक मदद तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका एक प्रतीकात्मक महत्व भी है। यह दर्शाता है कि न्यायपालिका अपने एक महत्वपूर्ण अंग, यानी वकीलों के व्यावसायिक और व्यक्तिगत कल्याण के प्रति कितनी सजग है। इस तरह के कदम बार और बेंच के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देते हैं, जिसका सीधा असर न्याय वितरण प्रणाली कीefficacité पर पड़ता है। जब वकील चिंतामुक्त होकर अपना काम करते हैं, तो वे वादियों को बेहतर कानूनी सहायता प्रदान कर पाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल निश्चित रूप से आने वाले समय में एक मिसाल के तौर पर देखी जाएगी।



