

Bihar Land Dispute: जमीन के झगड़े अक्सर रिश्तों में कड़वाहट घोल देते हैं, परिवारों को तोड़ देते हैं और विकास की राह में रोड़ा बन जाते हैं। लेकिन अब, बिहार में जमीन से जुड़े विवादों के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, जहां सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है।
बिहार Land Dispute: 3 महीने में सुलझेंगे जमीन के सभी मामले, डिप्टी सीएम सिन्हा का बड़ा ऐलान
बिहार Land Dispute: उप-मुख्यमंत्री का ऐतिहासिक फैसला
बिहार में दशकों से लंबित पड़े भूमि विवादों पर अब निर्णायक प्रहार हुआ है। राज्य के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक ऐतिहासिक प्रशासनिक निर्णय की घोषणा करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि तीन महीने से अधिक समय तक कोई भी जमीन विवाद बिना ठोस कारण के लंबित नहीं रहेगा। इस फैसले से लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल प्रदेश में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होगी।
मंत्री सिन्हा ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे भूमि विवादों के निपटारे को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनकी यह घोषणा एक ऐसे समय में आई है जब राज्य में भूमि संबंधी मुकदमे अदालतों पर भारी बोझ डाल रहे हैं और आम जनता को लंबे समय तक न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि विवादों के कारण न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में अशांति फैलती है, बल्कि विकास परियोजनाओं में भी बाधा आती है। उन्होंने राजस्व अधिकारियों, अंचल अधिकारियों और पुलिस प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उनका मानना है कि प्रभावी भूमि विवाद समाधान तंत्र ही राज्य के समग्र विकास की नींव रख सकता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
इस नई नीति के तहत, हर मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और तय समय सीमा के भीतर उसका निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा। यह कदम बिहार में भूमि विवाद समाधान की दिशा में एक क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति अपनी जमीन के झगड़े के कारण परेशान न रहे।
जमीन विवादों से जुड़ी समस्याओं का अंत
मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि तीन महीने से अधिक समय तक कोई मामला लंबित पाया गया और उसका संतोषजनक कारण नहीं बताया गया, तो संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सिर्फ एक घोषणा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव लाने की प्रतिबद्धता है।
इस महत्वपूर्ण निर्णय के क्रियान्वयन के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसमें सभी संबंधित विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उम्मीद है कि यह पहल बिहार को भूमि विवाद मुक्त राज्य बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


