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फ़रवरी, 26, 2026
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बिहार में Ration Card E-KYC नहीं कराया तो लगेगा झटका! जानें क्या है नई डेडलाइन और प्रक्रिया

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Ration Card E-KYC: गरीबों की थाली में अब नहीं चलेगी मनमानी, सरकार ने उठाया बड़ा कदम। बिहार के लाखों राशन कार्डधारकों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। राज्य के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) कराना अनिवार्य कर दिया है। यह कदम पारदर्शिता लाने और सही लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विभाग ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 28 फरवरी 2026 की अंतिम तिथि निर्धारित की है।

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Ration Card E-KYC: क्या है ई-केवाईसी की पूरी प्रक्रिया?

राशन कार्डधारक अपने नजदीकी जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान पर जाकर या फिर स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी ई-केवाईसी करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपना आधार कार्ड और राशन कार्ड लेकर जाना होगा। डीलर के पास उपलब्ध ई-पोस मशीन के जरिए फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन के माध्यम से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह सुनिश्चित करना सभी लाभार्थियों की जिम्मेदारी है ताकि वे सरकारी खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ निरंतर प्राप्त कर सकें।

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जो लाभार्थी इस निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उनके नाम राशन कार्ड से हटा दिए जाएंगे। इसका सीधा असर उनकी खाद्य सुरक्षा पर पड़ेगा, क्योंकि उन्हें भविष्य में राशन का लाभ नहीं मिल पाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सरकार का यह सख्त निर्देश उन लोगों पर लगाम लगाने के लिए है जो गलत तरीके से योजना का लाभ उठा रहे हैं। यह बदलाव राज्य में जन वितरण प्रणाली को और अधिक कुशल बनाने में मदद करेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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डेडलाइन चूकने पर क्या होगा?

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 28 फरवरी 2026 के बाद कोई और मोहलत नहीं दी जाएगी। इस अवधि के बाद, जिन लाभुकों का ई-केवाईसी नहीं हुआ होगा, उनके नाम स्वतः ही राशन कार्ड सूची से हटा दिए जाएंगे। विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी जानकारी के अभाव में वंचित न रह जाए। इस पहल से बिचौलियों की भूमिका भी कम होगी और वास्तविक जरूरतमंदों तक राशन पहुंचने की प्रक्रिया सुगम बनेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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