

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन मजबूत शुरुआत की थी, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं और निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण अंत में यह मिली-जुली प्रतिक्रिया के साथ बंद हुआ। शुरुआती उछाल के बावजूद, बाजार की तेजी ज्यादा देर टिक नहीं पाई, जिसने निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना दिया।
वैश्विक उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय Stock Market में दिखी मिश्रित चाल
भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन मजबूत शुरुआत की थी, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं और निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण अंत में यह मिली-जुली प्रतिक्रिया के साथ बंद हुआ। शुरुआती उछाल के बावजूद, बाजार की तेजी ज्यादा देर टिक नहीं पाई, जिसने निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 27.46 अंक गिरकर 82,248.61 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 14.05 अंक की मामूली बढ़त के साथ 25,496.55 पर समाप्त हुआ।
बाजार में यह उतार-चढ़ाव मुख्य रूप से अमेरिका-चीन व्यापार तनाव, भू-राजनीतिक जोखिमों और वैश्विक स्तर पर मिले-जुले संकेतों के कारण रहा। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक बाजार सीमित दायरे में ही कारोबार कर सकता है। शुरुआती दौर में आईटी और बैंकिंग शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई, जिसने बाजार को सहारा दिया, लेकिन बाद में व्यापक बाजार में बिकवाली का दबाव हावी हो गया।
Stock Market में शुरुआती बढ़त के बावजूद गिरावट क्यों?
घरेलू बाजार में निवेशकों ने अमेरिकी-ईरान परमाणु वार्ता से पहले सतर्क रुख अपनाया। इसके अलावा, अमेरिका के बेरोजगारी दावों के आंकड़ों और भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर के आंकड़ों का इंतजार भी मुनाफावसूली का एक कारण रहा। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के चलते निवेशक किसी भी बड़े दांव से बच रहे हैं।
इस दौरान, सेंसेक्स की चुनिंदा कंपनियों में खरीदारी और बिकवाली दोनों देखने को मिली। एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, एनटीपीसी लिमिटेड और एक्सिस बैंक के शेयरों में प्रमुख रूप से गिरावट दर्ज की गई। वहीं, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री्स, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन, मारुति सुजुकी और भारती एयरटेल जैसे शेयरों में निवेशकों ने खरीदारी का रुझान दिखाया।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बाजार में 2,991.64 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,118.57 करोड़ रुपये की लिवाली की। यह दर्शाता है कि घरेलू निवेशक बाजार में अपना भरोसा बनाए हुए हैं, जबकि विदेशी निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
वैश्विक बाजारों और कच्चे तेल का हाल
एशियाई बाजारों की बात करें तो, KOSPI और Nikkei 225 बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि शंघाई कंपोजिट और हैंग सेंग इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई। यूरोपीय बाजार दोपहर के कारोबार में ज्यादातर मजबूती में थे, वहीं अमेरिकी बाजार पिछले सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए थे। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.95% गिरकर 70.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक है।
एक दिन पहले, बीएसई सेंसेक्स 50.15 अंक बढ़कर 82,276.07 और निफ्टी 50 57.85 अंक की बढ़त के साथ 25,482.50 पर बंद हुआ था। यह दर्शाता है कि बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है, और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


